भारत के 9 FTA देश की तरक्की के लिए गेम चेंजर : केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली: आज, दुनिया के लगभग 70 परसेंट ट्रेड मार्केट भारत के लिए खुले हैं, जहाँ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के ज़रिए खास एक्सेस पक्का किया गया है। इसका मतलब है कि, भारत को अब दूसरे देशों के मुकाबले खास फायदे मिलते हैं। केंद्रीय कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने #ViksitBharatBudget पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा कि, भारत ने 38 विकसित देशों के साथ 9 FTA किए हैं। ये एग्रीमेंट 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित देश बनाने के प्लान का एक अहम हिस्सा हैं।

मंत्री गोयल ने बताया कि, भारत ने स्थानीय हितों की रक्षा के लिए इन डील पर साइन करते समय बहुत सावधानी बरती है। उन्होंने कहा कि डेयरी, खेती और GM फूड जैसे सेंसिटिव एरिया को सुरक्षित रखा गया है। साथ ही, जिन सेक्टर में बहुत से लोग काम करते हैं, जैसे टेक्सटाइल, लेदर और इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्हें नए मार्केट मिल रहे हैं। गोयल ने कहा कि, इन डील से बिजनेस को बढ़ने में मदद मिलेगी और कई नई नौकरियां पैदा होंगी।

गोयल ने कहा, ये 9 FTA सभी सेंसिटिव सेक्टर्स को बचाते हैं, साथ ही उन एरिया में भी सोच-समझकर छूट देते हैं जहाँ इंपोर्ट की जरूरत होती है। ये पॉलिसी में स्टेबिलिटी, क्लैरिटी और अंदाज़ा लगाने की क्षमता पैदा करते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट आते हैं। टेक्सटाइल सेक्टर में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इन 9 एग्रीमेंट्स के ज़रिए, भारतीय सामानों के लिए लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के मार्केट खुल रहे हैं। उन्होंने भारतीय एंटरप्रेन्योर्स को एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए इन बड़े मौकों का फ़ायदा उठाने के लिए बढ़ावा दिया।

गोयल ने आगे कहा, भारत के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए ज़बरदस्त मौके खुल रहे हैं।मुझे भरोसा है कि भारतीय एंटरप्रेन्योर्स इस मौके का पूरा फायदा उठाएंगे, बड़े मार्केट हासिल करेंगे, एक्सपोर्ट बढ़ाएंगे और रोजगार पैदा करेंगे।उन्होंने स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZs) के रोल पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि, SEZ कानून के तहत, बिजनेस बिना ड्यूटी दिए मटेरियल इंपोर्ट कर सकते हैं, उन्हें प्रोसेस कर सकते हैं और फिर तैयार प्रोडक्ट एक्सपोर्ट कर सकते हैं। यह सिस्टम ज़्यादा विदेशी पैसा लाने और भारतीय नागरिकों के लिए और भी ज़्यादा काम पैदा करने के लिए बनाया गया है।

गोयल ने कहा, SEZ कानून में यह भी खास तौर पर कहा गया है कि 0 परसेंट ड्यूटी पर इंपोर्ट किया जा सकता है, या सामान को प्रोसेस करके एक्सपोर्ट किया जा सकता है। इससे रोजगार बढ़ेगा और विदेशी मुद्रा से होने वाली कमाई बढ़ेगी।(ANI)

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