बेलगाम : राज्य सरकार ने किसानों की मांग के हिसाब से गन्ना मूल्य का ऐलान नहीं किया है। इसलिए विंटर सेशन में बेलगाव में गन्ने की कीमत के लिए बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किसान संगठन ने की है। किसान नेता चुनाप्पा पुजारी ने कहा, हमारी सबसे प्रमुख मांग है कि c मूल्य प्रति टन 4,500 रुपये दिया जाए। गन्ने से एथेनॉल और दूसरे बाय-प्रोडक्ट्स बनते हैं। इससे फैक्ट्रियों को बहुत फायदा हो रहा है, लेकिन किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा है। इसलिए गन्ने की कीमत बढ़ाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। किसान नेता चुनाप्पा पुजारी ने दावा किया कि, इस आंदोलन में करीब एक लाख किसान शामिल होंगे।
पुजारी ने कहा कि, किसान संगठनों में संगठन की कमी के कारण प्रशासन और नेता हमेशा किसानों के आंदोलनों को नज़रअंदाज़ करते हैं। हालांकि, हाल ही में गुरलापुर क्रॉस पर गन्ने की कीमत के लिए हुआ आंदोलन पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया। इसलिए विंटर सेशन में होने वाले गन्ना मूल्य आंदोलन में एक लाख किसान हिस्सा लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया की, इस साल एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा खराब क्वालिटी के सोयाबीन के बीज बांटे जाने के कारण किसानों को पैसे का नुकसान हुआ है, इसलिए किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। खेतों में काम करते समय किसानों के करंट लगने, सांप के काटने और चारा ले जाते समय मरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।इसके लिए सिर्फ एक लाख रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार से इस मुआवजे को बढ़ाकर पांच लाख करने की मांग की जाएगी।


















