कर्नाटक : बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने शुगर इंस्टीट्यूट का घेराव किया, 1.5 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया

बेलगावी : लंबित गन्ना बकाए के भुगतान की मांग को लेकर कर्नाटक राज्य रायता संघ (KRRS) और हसिरू सेना के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने शुक्रवार को बेलगावी स्थित एस. निजलिंगप्पा शुगर इंस्टीट्यूट (चीनी निदेशालय कार्यालय) का घेराव किया। किसानों ने गन्ने के बकाया भुगतान को तुरंत जारी कराने और हजारों करोड़ रुपये के लंबित बकाये वाली शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और शुगर कमिश्नर से हस्तक्षेप कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की। किसानों का कहना है कि, गन्ने की कीमत 3,300 रुपये प्रति टन तय की गई थी, लेकिन बेलगावी जिले की 29 शुगर मिलों में से केवल 2 मिलों ने ही किसानों का भुगतान किया है। शुक्रवार को शुगर इंस्टीट्यूट का कार्यालय परिसर किसानों के प्रदर्शन का केंद्र बन गया।

शुगर इंस्टीट्यूट के अधिकारियों के अनुसार, बेलगावी जिले की 27 शुगर मिलों पर किसानों का 1.5 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। किसान नेता चिनप्पा पुजारी ने आरोप लगाया कि, मिल मालिक जानबूझकर भुगतान रोककर रखे हुए हैं।उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर किसानों का पैसा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि, यदि भुगतान नहीं किया गया तो मिल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि, प्रभावशाली लोगों की मिलों से किसानों का पैसा फंसा हुआ है और गन्ना देने वाले किसानों को 14 दिनों के भीतर भुगतान मिलना चाहिए, इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

चीनी निदेशालय कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार राज्य में पिछले साल की तुलना में गन्ने की पेराई 50 लाख टन अधिक हुई है। राज्य की 81 शुगर मिलों में से 63 मिलों ने इस सीजन की पेराई पूरी कर ली है, जबकि 18 मिलों में अभी भी पेराई जारी है। शुगर मिलों पर किसानों का लगभग 4,700 करोड़ रुपये बकाया है। जिन मिलों ने गन्ने का भुगतान नहीं किया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि, पिछले साल की तुलना में इस बार गन्ने की पैदावार भी बढ़ी है। पिछली बार रिकवरी 10.5 दर्ज की गई थी, जबकि इस बार 11.1 है। इसलिए किसानों को प्रति टन 180 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इस बारे में मिलों को सूचित कर दिया गया है।

अधिकारी ने आश्वासन दिया कि, गन्ना उत्पादकों के हित में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। शुगर मिलों को वैधानिक नोटिस जारी किए गए हैं और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान कमिश्नर कार्यालय के बाहर पुलिस सुरक्षा तैनात की गई थी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिला तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

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