केन्या: चीनी उद्योग और किसानों के मुद्दों पर केन्या शुगर बोर्ड के साथ सीनेट कृषि समिति की बैठक

नैरोबी : केन्या की सीनेट की स्थायी कृषि, पशुपालन और मत्स्य समिति के अध्यक्ष सीनेटर वाफुला वाकोली (बुंगोमा) ने केन्या शुगर बोर्ड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में चीनी उप-क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नियामक मुद्दों और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई।बैठक में शुगर एक्ट 2024 के तहत किए जा रहे सुधारों के कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें वर्तमान गन्ना मूल्य निर्धारण प्रणाली, मिलों के नियमन और लाइसेंसिंग, चीनी आयात का घरेलू उद्योग पर प्रभाव तथा किसानों के पंजीकरण और गन्ना विकास कार्यक्रमों की स्थिति जैसे विषय शामिल थे।

बैठक के दौरान बोर्ड ने समिति को फॉर्मूला-आधारित गन्ना मूल्य निर्धारण प्रणाली के बारे में जानकारी दी। यह प्रणाली एक वैधानिक शुगरकेन प्राइसिंग कमेटी द्वारा संचालित की जाती है, जिसमें किसान प्रतिनिधि, चीनी मिलें, गन्ना उत्पादक क्षेत्रों की काउंटी सरकारें और राष्ट्रीय सरकार शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत किसानों को मिलने वाला गन्ना मूल्य चीनी के औसत एक्स-फैक्ट्री मूल्य से जुड़ा होता है, जिससे किसानों को उद्योग के बाजार प्रदर्शन में हिस्सा मिलता है।

सदस्यों को बताया गया कि किसानों के भुगतान में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इनमें मिलों द्वारा भुगतान के लिए तय समय सीमा, अनिवार्य गन्ना आपूर्ति समझौते, आपूर्ति किए गए गन्ने के लिए विस्तृत भुगतान विवरण और धीरे-धीरे गुणवत्ता-आधारित भुगतान प्रणाली लागू करना शामिल है, जिसमें सुक्रोज़ (शर्करा) की मात्रा के आधार पर किसानों को भुगतान मिलेगा।

समिति ने कानून के तहत चीनी मिलों के लाइसेंस और नियमन की भी समीक्षा की। बोर्ड ने बताया कि, देश में निर्धारित गन्ना क्षेत्रों में 17 चीनी मिलों को पंजीकृत और लाइसेंस दिया गया है। हालांकि, क्वाले इंटरनेशनल शुगर कंपनी लिमिटेड को नियामकीय आवश्यकताओं का पालन न करने के कारण अभी तक संचालन लाइसेंस नहीं दिया गया है। सदस्यों ने चीनी आयात के घरेलू उद्योग पर प्रभाव पर भी चर्चा की। बोर्ड ने बताया कि, 2023 में चीनी आयात में वृद्धि इसलिए हुई क्योंकि उस समय परिपक्व गन्ने की कमी थी और कई मिलों को गन्ने को पकने का समय देने के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया था। 2024 में गन्ने की आपूर्ति बढ़ने और घरेलू चीनी उत्पादन में वृद्धि के कारण स्थिति में सुधार हुआ।

समिति को यह भी बताया गया कि, अनियंत्रित या अवैध चीनी आयात स्थानीय चीनी की कीमतों को दबा सकता है, स्थानीय उत्पादन की खपत कम कर सकता है और मिलों के संचालन को प्रभावित कर सकता है, जिससे अंततः किसानों की आय पर असर पड़ता है। इसे रोकने के लिए सरकार ने केन्या रेवेन्यू अथॉरिटी और केन्या ब्यूरो ऑफ स्टैंडर्ड्स जैसी एजेंसियों के माध्यम से निगरानी को मजबूत किया है।किसान पंजीकरण और गन्ना विकास के बारे में केन्या शुगर बोर्ड ने बताया कि, वर्तमान में देश के विभिन्न काउंटियों में 4,01,000 से अधिक गन्ना किसान पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक किसान काकामेगा, बुंगोमा और बुसिया काउंटियों में हैं। बोर्ड ने यह भी बताया कि किसानों की उत्पादकता और क्षेत्र की स्थिरता बढ़ाने के लिए कई पहलें जारी हैं। इनमें बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, सब्सिडी वाले उर्वरक की उपलब्धता, शुगर डेवलपमेंट फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता और केन्या शुगर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का सहयोग शामिल है।

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