बड़वानी:प्रदेश के गन्ना किसानों को AI तकनीक से खेती करना काफी पसंद आ रहा है।नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार, बड़वानी जिले के पानसेमल सब डिवीजन के आधा दर्जन गांवों के लगभग 40 गन्ना किसानों को AI आधारित खेती से जोड़ा जा रहा है। यह पहल एक स्थानीय शुगर फैक्ट्री द्वारा की गई है, जिसका मकसद उत्पादन बढ़ाना और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत महाराष्ट्र के बारामती स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगभग चार वर्षों के शोध के बाद विकसित एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है।शुगर फैक्ट्री के साझेदार सचिन गोयल और पवन गोयल ने बताया कि, पानसेमल क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के 40 किसानों का चयन कर उन्हें बारामती केंद्र पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद जनवरी फरवरी और जुलाई 2025 में ड्रिप सिंचाई वाले खेतों में गन्ने की बुवाई कराई गई।
कैसे काम करती है AI आधारित एप्लीकेशन?
एआई आधारित यह एप खेत की मिट्टी और पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के आधार पर सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के उपयोग का प्रबंधन करता है। प्रत्येक खेत के लिए अलग-अलग डाटा के अनुसार प्रोग्रामिंग की जाती है। एप किसानों को खाद, पानी और कीटनाशक के उपयोग के लिए रियल-टाइम अलर्ट भेजता है। साथ ही 24 घंटे, 7 दिन और 15 दिन का मौसम पूर्वानुमान भी उपलब्ध कराता है। यदि बारिश की संभावना हो तो किसानों को सिंचाई या छिड़काव न करने की सलाह दी जाती है, जिससे फसल को अधिक या कम पानी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
एप संभावित कीट प्रकोप की भी पूर्व जानकारी देता है और बचाव के उपाय सुझाता है। इसके अलावा यह फसल की परिपक्वता अवधि और संभावित उत्पादन का अनुमान लगाकर किसानों को समय पर कटाई की योजना बनाने में मदद करता है। पानसेमल स्थित इस शुगर फैक्ट्री के केन डेवलपमेंट अधिकारी राजेश वानखेड़े ने बताया कि इस तकनीक से किसानों को उल्लेखनीय लाभ मिला है और एआई आधारित गन्ने की कटाई मार्च से शुरू होने की उम्मीद है।
अभी शुरुआती चरण में है काम
पानसेमल स्थित शुगर फैक्ट्री की एक यूनिट मध्य प्रदेश के बैतूल में भी है। बैतूल स्थित शुगर मिल के साझेदार विपिन अग्रवाल ने कहा कि एआई आधारित खेती अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन भविष्य में यह किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शुगर मिल एसोसिएशन, जिसमें राज्य की 23 शुगर फैक्ट्रियां शामिल हैं, पुणे के वसंतदादा शुगर इंस्टिट्यूट के साथ समझौता कर चुकी है। इस पहल के तहत करीब 5,000 किसानों को उन्नत एआई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैतूल जिले में अब तक 120 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।

















