कोल्हापुर: दस वर्ष या उससे अधिक समय तक निदेशक रहे कोल्हापुर जिला केंद्रीय बैंक के लगभग आधे निदेशक वर्ष के अंत में होने वाला चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अयोग्य ठहराए जाने वालों में जिले के दिग्गज चीनी मिलर्स और कई प्रभावशाली नेता शामिल हैं। इनमें प्रदेश के मंत्री हसन मुश्रीफ, विधायक सतेज पाटील, विधायक विनय कोरे और विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर, पूर्व सांसद संजय मंडलिक आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। अब इन नेताओं की जगह उनके उत्तराधिकारियों को मौका मिलने की संभावना है। बैंकिंग कानून में किए गए संशोधन को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक को मंजूरी दे दी है। इस कानून को जिला बैंक की अगली चुनाव प्रक्रिया से लागू किया जाएगा।
…इन निदेशकों को फिर मिल सकता है मौका
बैंक के वर्तमान निदेशक मंडल में विधायक अमल महाडिक, अर्जुन आबिटकर, रणजित पाटील, राजेश पी. एन. पाटील, रणवीरसिंह गायकवाड, विजयसिंह माने, स्मिता गवळी और श्रुतिका काटकर को पहली बार मौका मिला है। इसलिए इन निदेशकों को जिला बैंक का चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता है।
साल के अंत में होगा बैंक का चुनाव
कोल्हापुर जिला बैंक के निदेशक मंडल का कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त होगा। इसलिए बैंक की चुनाव प्रक्रिया इस साल के अंत में शुरू होने की संभावना है। सामान्यतः दिसंबर 2026 में मतदान होने की संभावना जताई जा रही है।
,,,इन दिग्गज नेताओं को लगेगा झटका
मंत्री हसन मुश्रीफ, विधायक सतेज पाटील, विधायक विनय कोरे, विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर, पूर्व सांसद निवेदिता माने, पूर्व सांसद संजय मंडलिक, पूर्व विधायक राजेश पाटील, पूर्व विधायक राजू आवळे के साथ ही ए. वाय. पाटील, प्रताफ उर्फ भैया माने, एनसीपी के जिल्हाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर और संतोष पाटील जैसे नेताओं को भी इस संशोधन से झटका लगने की संभावना है।
















