पुणे: सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक बिनती पत्र दिया जाएगा, जिसमें 5500 करोड़ रुपये के करीब FRP बकाया, फैक्ट्रियों के लोन को रीस्ट्रक्चर को लेकर सुझाव दिया जायेगा और अगले हफ्ते मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाने की मांग की जाएगी। यह जानकारी नेशनल कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री फेडरेशन के प्रेसिडेंट हर्षवर्धन पाटिल ने मीडिया को दी।
राज्य में शुगर इंडस्ट्री की समस्याओं और उनके समाधान के बारे में बुधवार को मुंबई में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय मीटिंग हुई। इस मीटिंग में चीनी उद्योग के समस्याओं के सुझाव बताएं गए,जिसमें…
राज्य सरकार को गन्ना किसानों को लगभग 5500 करोड़ रुपये की FRP रकम देने के लिए दूसरी राज्य सरकारों की तरह 500 रुपये प्रति टन की सब्सिडी देनी चाहिए।
फैक्ट्रियों के पास मौजूद लगभग 15000 करोड़ रुपये के लोन को 10 साल के लिए रीस्ट्रक्चर किया जाना चाहिए।इसमें आधा ब्याज फैक्ट्री और आधा सरकार दे।
जल संसाधन विभाग द्वारा चीनी फैक्ट्रियों के पानी के चार्ज में की गई बढ़ोतरी तुरंत रद्द की जानी चाहिए।
को-जेनरेशन प्रोजेक्ट से महावितरण को एक्सपोर्ट की जाने वाली बिजली पर 1.50 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी जारी रहनी चाहिए।
हर्षवर्धन पाटिल ने बताया कि, बैठक में सभी मांगों का प्रस्ताव सहकारिता मंत्री पाटिल की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजने का फैसला किया गया। यह भी तय किया गया कि, इन सभी मांगों को लेकर सहकारिता मंत्री अगले हफ्ते मुंबई में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मीटिंग आयोजित करने के लिए एक रिक्वेस्ट लेटर दें। इस बैठक में जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, जयंतराव पाटिल, प्रकाशराव सोलंकी, प्रताप ओहोल, डॉ. पांडुरंग राउत, राजवर्धन पाटिल आदि के साथ चीनी आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


















