नई दिल्ली : नेशनल फेडरेशन ऑफ़ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ लिमिटेड (NFCSF) द्वारा 14 फरवरी को जारी किए गए डेटा के अनुसार, इस सीज़न में अब तक भारत के कुल चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक का हिस्सा 87.48 प्रतिशत है, जिससे देश के चीनी सेक्टर में उनका दबदबा फिर एक बार साबित हो गया है। NFCSF के आंकड़ो के मुताबिक, महाराष्ट्र 89.80 LMT चीनी के साथ सबसे बड़ा प्रोड्यूसर बनकर उभरा है, जो पिछले सीज़न में इसी समय के 68.10 LMT से काफ़ी ज़्यादा है।राज्य ने 960.43 LMT गन्ने की पेराई की है, जो पिछले साल के 740.22 LMT से काफ़ी ज़्यादा है।
उत्तर प्रदेश 65.60 LMT चीनी उत्पादन के साथ दूसरे नंबर पर है, जो पिछले सीज़न के 63.25 LMT से ज़्यादा है, जबकि कर्नाटक ने 41.70 LMT चीनी उत्पादन किया है, जबकि एक साल पहले यह 37.20 LMT था। तीनों राज्य मिलकर देश में चीनी का प्रोडक्शन बढ़ा रहे हैं, जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे कई दूसरे इलाकों में प्रोडक्शन बेहतर हुआ है। इंडस्ट्री के अधिकारियों ने कहा कि, इन राज्यों के अच्छे परफॉर्मेंस ने देश में चीनी का प्रोडक्शन पिछले साल के लेवल से काफी ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है।


















