पुणे: शुगर कमिश्नर डॉ. संजय कोलते ने राज्य की 45 शुगर फैक्ट्रियों को किसानों को गन्ने के फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) का 60 परसेंट से कम पेमेंट करने पर नोटिस जारी किया है। इन नोटिसों पर सुनवाई कमिश्नरेट में मंगलवार और बुधवार (17 और 18 फरवरी) को तय की गई है। ‘पुढारी’ अख़बार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, संबंधित चीनी फैक्ट्रियों पर करीब 1,860 करोड़ रुपये का FRP बकाया है।
इस साल 31 जनवरी तक राज्य की शुगर मिलों की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों का FRP, जिसमें गन्ने की कटाई और ट्रांसपोर्टिंग का खर्च भी शामिल है, अभी भी राज्य की शुगर फैक्ट्रियों पर बकाया है। पेराई का सीजन अब अपने आखिरी चरण में है, और कुछ चीनी मिलों ने किसानों के बैंक अकाउंट में बहुत कम FRP जमा किया है।
41 फैक्ट्रियों द्वारा 100 या उससे ज़्यादा FRP भुगतान…
राज्य में इस पेराई सीजन 2025-26 में 31 जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक (यह रिपोर्ट 15 जनवरी को खत्म हुई पेराई के लिए और 30 जनवरी तक भुगतान की गई FRP रकम पर आधारित है), 41 फैक्ट्रियों ने 100 परसेंट या उससे ज़्यादा गन्ने का FRP भुगतान किया है। 75 फैक्ट्रियों ने 80 से 99 परसेंट, 44 फैक्ट्रियों ने 60 परसेंट से 80 परसेंट और 45 फैक्ट्रियों ने जीरो से 60 परसेंट पेमेंट किया है। अभी FRP का करीब 4,252 करोड़ रुपये बकाया है।
सोलापुर और अहिल्यानगर की सबसे ज्यादा मिलें…
बकाया भुगतान FRP मामले पर सुनवाई के लिए जिन मिलों को नोटिस दिया गया है, उनमें सोलापुर की 11 और अहिल्यानगर की 9 फैक्ट्रियां हैं। इसके साथ ही सतारा में 5, बीड में 3 और परभणी में 3 फैक्ट्रियां हैं। नासिक, पुणे, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर इन चार जिलों में दो-दो फैक्ट्रियां हैं। लातूर, नांदेड़, धाराशिव, हिंगोली, यवतमाल और सांगली इन छह जिलों में एक-एक फैक्ट्री को नोटिस दिए गए हैं।


















