पुणे: राज्य के चीनी मिलों में गन्ने का वजन करते समय कांटे (वजन मशीन) में हेरफेर होने की किसानों की शिकायतों को अब राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। गन्ने के वजन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए वैध मापन शास्त्र विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की गई है।’लोकमत’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, इस समिति को 12 मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। इससे चीनी मिलों के वजन कांटों पर होने वाली मनमानी पर लगाम लगने की संभावना जताई जा रही है।
हर साल शिकायतें, फिर भी ‘दोषमुक्त’ रिपोर्ट…
हर साल गन्ना पेराई (क्रशिंग) का सीजन शुरू होते ही क्षेत्रीय चीनी सह-निदेशक कार्यालय में गन्ने के वजन को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं। कई किसान आरोप लगाते हैं कि कांटे में हेरफेर करके गन्ने का कम वजन दिखाया जाता है। लेकिन दूसरी ओर वैध मापन शास्त्र विभाग की ओर से चीनी मिलों के कांटों को ‘दोषमुक्त’ बताया जाता है। इससे किसानों की शिकायतों और आधिकारिक रिपोर्टों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए नई गठित समिति गहराई से अध्ययन करेगी।
कांटे ऑनलाइन जोड़ने की संभावना…
इस बार केवल कागजी जांच तक सीमित न रहकर आधुनिक तकनीकी उपायों पर जोर दिया जाएगा।राज्य की सभी चीनी मिलों के वजन कांटों को सीधे सर्वर से ऑनलाइन जोड़ने का प्रस्ताव समिति के सामने है।इससे यदि वजन मशीन में कोई छेड़छाड़ की जाती है तो वह तुरंत सिस्टम में दर्ज हो जाएगी और संबंधित अधिकारियों को उसकी जानकारी मिल जाएगी।साथ ही वर्तमान कार्यप्रणाली (SOP) में बदलाव कर अधिक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने पर भी समिति विचार कर रही है।
जांच समिति की संरचना…
राज्य सरकार द्वारा गठित इस समिति में निम्न अधिकारी शामिल हैं:
अध्यक्ष: सु. ह. चाटे – सह नियंत्रक, संभाजीनगर विभाग
उपाध्यक्ष: डी. पी. पवार – उप नियंत्रक, सांगली
सदस्य सचिव: डी. के. शेजवल – निरीक्षक, वाघोली
सदस्य: आर. पी. टाळकुटे – निरीक्षक, बारामती
समिति के अध्यक्ष सु. ह. चाटे ने बताया कि, मौजूदा कार्यप्रणाली का अध्ययन करके आवश्यक सुधार सुझाए जाएंगे।तकनीकी बदलावों से वजन में होने वाली गड़बड़ियां तुरंत सामने आएंगी और राज्य की सभी चीनी मिलों पर समिति की नजर रहेगी।
किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए…
प्रशासन ने किसानों को गन्ने का वजन करवाते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है:
1. कांटे का प्रमाणन जांचें : देखें कि वजन मशीन पर वैध मापन शास्त्र विभाग की चालू वर्ष की सील और प्रमाणपत्र लगा है या नहीं।
2. जीरो सेटिंग जांचें : ट्रैक्टर या ट्रक को कांटे पर चढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि मशीन 0.00 पर सेट है।
3. वजन की रसीद लें : वजन होने के बाद तुरंत कंप्यूटराइज्ड रसीद लें और उस पर समय, तारीख और वाहन नंबर जांचें।
4. गड़बड़ी लगे तो शिकायत करें : अगर वजन में ज्यादा अंतर लगे तो शुगर कमिश्नर कार्यालय या स्थानीय वैध मापन शास्त्र विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम….
गन्ना उत्पादक किसानों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक के उपयोग और स्वतंत्र समिति की निगरानी से गन्ने के वजन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

















