पुणे : महाराष्ट्र में चल रहे जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में शुगर फैक्ट्रियों का ‘तौल कांटा’ अहम मुद्दा बन गया है। आपको बता दे की, महाराष्ट्र के लगभग सभी चुनावों में चीनी उद्योग या चीनी मिलों से जुड़े मुद्दे हमेशा से ही चुनाव का केंद्र बिंदु रही है। मराठवाड़ा में लातूर, धाराशिव और नगर जिला परिषद चुनाव में शुगर फैक्ट्रियों के तौल कांटों पर घटतौली करने के आरोप लगाये जा रहे हैं। राज्य की 180 से ज़्यादा शुगर फैक्ट्रियों में से तकरीबन 50 फैक्ट्रियों में डिजिटल तौल कांटा लगा है। कई फैक्ट्रियों में ऐसा सिस्टम नहीं लगा है। इसी वजह से घटतौली का आरोप लगाया जा रहा है।
अहिल्यानगर जिले में किसान संगठनों के अनुसार, तौल कांटों में जानबूझकर कई तरह की अव्यवस्था फैलाई गई। इसलिए उसे जिला परिषद चुनाव में कैंपेन का मुद्दा बनाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में मिली शिकायतों को देखते हुए डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। कहा जा रहा है कि छत्रपति संभाजी नगर जिले की 8 फैक्ट्रियों के 34 तौल कांटों की जांच की गई है। हालांकि, लातूर, धाराशिव, सोलापुर और बीड जिलों से किसान शिकायत कर रहे थे कि तौल में गड़बड़ी है। अब यह मुद्दा जिला परिषद चुनाव में चर्चा के लिए आया है।चीनी मिलर्स इस मुद्दे को अफवाह बताकर ख़ारिज कर रहे है।

















