हनोई : वियतनाम सरकार 1 जून 2026 से पूरे देश में केवल बायोफ्यूल मिश्रित पेट्रोल—E5 RON92 और E10 RON95 की बिक्री की अनुमति देने का फैसला किया है। यह कदम उत्सर्जन कम करने, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और कृषि उत्पादों के लिए स्थिर बाजार बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह जानकारी उद्योग और व्यापार मंत्रालय ने दी।
बायोफ्यूल पेट्रोल की ओर इस बदलाव की घोषणा हो ची मिन्ह सिटी में आयोजित एक सम्मेलन में की गई, जिसमें मंत्रालय के परिपत्र संख्या 50/2025 को पेश किया गया। इस परिपत्र में पारंपरिक ईंधनों में बायोफ्यूल मिलाने की रूपरेखा तय की गई है। मंत्रालय के नवाचार, हरित परिवर्तन और औद्योगिक प्रोत्साहन विभाग के उपनिदेशक दाओ दुय आन ने बताया कि, 1 जून से पारंपरिक पेट्रोल की बाजार में बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि, यह कदम देश के हरित ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देगा, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और कसावा (टैपिओका) जैसी फसलों के लिए अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराएगा, जिनसे एथेनॉल बनाकर पेट्रोल में मिलाया जाता है।नई नीति के अनुसार, वियतनाम में वाहनों के लिए उपलब्ध सभी पेट्रोल बायोफ्यूल मिश्रित होंगे और बाजार में मुख्य रूप से केवल दो उत्पाद रहेंगे—E5 RON92 और E10 RON95। हालांकि, जो पुराने वाहन इन ईंधनों के अनुकूल नहीं हैं, उनके लिए 2030 तक संक्रमणकालीन व्यवस्था जारी रहेगी।
बाजार को तैयार करने के लिए उद्योग और व्यापार मंत्रालय ने योग्य कंपनियों को 1 मई 2026 से ही बायोफ्यूल पेट्रोल की आपूर्ति शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जबकि निरीक्षण दल मार्च के अंत से तैयारियों की समीक्षा शुरू करेंगे। आन ने कहा कि, बायोफ्यूल का विस्तार वियतनाम के ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण कदम है और इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी। यदि बायोफ्यूल का व्यापक उपयोग होता है, तो वियतनाम में पारंपरिक पेट्रोल की खपत हर साल लगभग 10 लाख घन मीटर तक कम हो सकती है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में करीब 25 लाख मीट्रिक टन सालाना की कमी आ सकती है।
वियतनाम बायोफ्यूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दो वान तुआन ने कहा कि, यह योजना कई वर्षों से ठप पड़े घरेलू एथेनॉल उत्पादन को फिर से गति दे सकती है। वियतनाम में फिलहाल छह एथेनॉल संयंत्र हैं—दो पेट्रोवियतनाम द्वारा संचालित और चार निजी कंपनियों द्वारा। इनमें से कई संयंत्र 2018 में कमजोर मांग के कारण बंद हो गए थे, लेकिन अब बायोफ्यूल बाजार के लिए एथेनॉल आपूर्ति करने हेतु दोबारा उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, यह कार्यक्रम खासकर कसावा जैसी कृषि फसलों के लिए घरेलू स्तर पर स्थिर बाजार बना सकता है, जिससे किसानों की अस्थिर निर्यात बाजारों पर निर्भरता कम होगी। वियतनाम हर साल लगभग 50 लाख मीट्रिक टन कसावा चीन को निर्यात करता है, लेकिन मांग में उतार-चढ़ाव के कारण अधिक उत्पादन के समय किसानों को कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, बायोफ्यूल का विस्तार वियतनाम की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत कर सकता है। देश हर महीने लगभग 10 लाख घन मीटर पेट्रोल की खपत करता है और अभी भी लगभग 30% पेट्रोल आयात करता है। इसके अलावा, घरेलू रिफाइनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला अधिकांश कच्चा तेल मध्य पूर्व से आता है, जहां भू-राजनीतिक तनाव—जैसे इज़राइल, ईरान और अमेरिका से जुड़े संघर्ष—वैश्विक ईंधन व्यापार और परिवहन को प्रभावित करते रहे हैं।
ऐसे में बायोफ्यूल का विकास ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने और आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने का एक महत्वपूर्ण उपाय माना जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि बायोफ्यूल के विस्तार से अमेरिका के साथ चल रही व्यापारिक चर्चाओं को भी समर्थन मिल सकता है, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े बायोफ्यूल उत्पादक से एथेनॉल आयात करने से द्विपक्षीय व्यापार संतुलन बेहतर हो सकता है और घरेलू बाजार के लिए स्थिर आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।















