इस्लामाबाद : पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले सात महीनों में पाकिस्तान में चीनी के आयात में 7,906% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। जुलाई 2025 और जनवरी 2026 के बीच, चीनी का आयात $17.46 मिलियन से ज़्यादा हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय में यह सिर्फ़ $211,800 था। अकेले जनवरी में, इंपोर्ट महीने-दर-महीने 46.38% बढ़कर $23.4 मिलियन हो गया।
चीनी के आयात में यह बढ़ोतरी खाने के इंपोर्ट में बड़ी बढ़ोतरी के बीच हुई है, जो जनवरी में 7.74% और सात महीने के समय में कुल मिलाकर 19.26% बढ़ा, जिससे कुल खाने का इंपोर्ट $5.5 बिलियन से ज़्यादा हो गया। दूसरी बड़ी इंपोर्ट की जाने वाली चीज़ों में चाय ($37.65 मिलियन), पाम ऑयल ($235 मिलियन), और सूखे मेवे ($11 मिलियन) शामिल थे।मोबाइल फ़ोन का इंपोर्ट भी बढ़ा, जो सात महीनों में $114 मिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले साल से 31.36% ज़्यादा है। अकेले जनवरी 2026 में महीने-दर-महीने 33.62% की बढ़ोतरी देखी गई।
चीनी के इंपोर्ट में तेज़ी ऐसे समय में आई है, जब नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) चीनी उद्योग में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहा है। NAB ने 5,365 मीट्रिक टन चीनी की हेराफेरी के लिए एक प्राइवेट चीनी मिल और ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ पाकिस्तान (TCP) के अधिकारियों के खिलाफ अकाउंटेबिलिटी कोर्ट में केस फाइल किया है।
इस मामले को शुरू में पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने उठाया था और बाद में NAB कराची को भेज दिया गया, जिसने अपनी शुरुआती जांच को फॉर्मल जांच में बदल दिया है। अधिकारियों का आरोप है कि, आरोपियों और TCP अधिकारियों के बीच मिलीभगत से देश के खजाने को लगभग 960 मिलियन रुपये का नुकसान हुआ। ‘द नेशन’ से बात करते हुए NAB के एक प्रवक्ता ने कन्फर्म किया कि ब्यूरो नेशनल अकाउंटेबिलिटी ऑर्डिनेंस के तहत अपनी जांच जारी रखे हुए है।


















