भोगपुर : दोआबा किसान संघर्ष समिति के सूबा प्रधान बलविंदर सिंह मल्ली नंगल और वाइस प्रधान हरविंदर पाल सिंह डल्ली ने पंजाब सरकार से मांग की कि, गन्ना मूल्य की बकाया 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की राशि जल्द किसानों दे।उन्होंने कहा कि, राज्य में फसली विविधता के नाम पर सरकार विश्वविद्यालयों को करोड़ों रुपये का फंड देती है, जबकि दोआबा और माज्हा क्षेत्रों में गन्ना मुख्य फसल है। इसके बावजूद सरकार की नीतियों के कारण किसान गन्ने की खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि गन्ना किसानों और शुगर मिलों के हित में ठोस नीति बनाई जाए और अगले वर्ष के लिए गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए, ताकि गन्ने की खेती को बढ़ावा मिल सके।
जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गन्ने को लेकर ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो माज्हा और दोआबा में भी गन्ने की फसल मालवा की तरह समाप्त हो सकती है। किसानों ने मांग की कि गन्ने का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए और बकाया राशि तुरंत दी जाए, ताकि किसान अगली फसल के लिए तैयार हो सकें। किसान नेताओं ने बताया कि देरी से भुगतान होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और वे अगली फसल में निवेश करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, जिससे गन्ने की खेती लगातार घट रही है।

















