वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज टेक्सास के पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविल में प्रस्तावित 300 अरब डॉलर की ऑयल रिफाइनरी परियोजना का समर्थन कर सकती है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह अमेरिका में लगभग 50 वर्षों में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी होगी।मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि, इस रिफाइनरी को अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग द्वारा विकसित किया जाएगा और यह देश के इतिहास में इस तरह का सबसे बड़ा निवेश होगा।
ट्रंप ने बताया कि, टेक्सास के ब्राउन्सविल में बनने वाली यह रिफाइनरी घरेलू बाजारों के लिए ईंधन की आपूर्ति करेगी और साथ ही अमेरिका के ऊर्जा निर्यात को भी बढ़ावा देगी।उन्होंने भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके चेयरमैन मुकेश अंबानी को इस निवेश के समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी तक इस परियोजना में भागीदारी को लेकर ट्रंप के बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 1,434 रुपये तक पहुंच गए।
ट्रंप के अनुसार, यह रिफाइनरी पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविल में बनेगी, जो अमेरिका के गल्फ कोस्ट क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शिपिंग हब है।उन्होंने कहा कि, इस परियोजना से अमेरिका में ईंधन की आपूर्ति बढ़ेगी और देश का ऊर्जा क्षेत्र और मजबूत होगा।ट्रंप ने यह भी कहा कि, इस रिफाइनरी में उन्नत तकनीक और सिस्टम का उपयोग किया जाएगा ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।उन्होंने इसे दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी बताया।
इस परियोजना से हजारों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है और दक्षिण टेक्सास में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि यह निवेश वैश्विक बाजारों में ईंधन के निर्यात को भी समर्थन देगा।उन्होंने इस परियोजना को अपनी प्रशासनिक आर्थिक नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि, तेज मंजूरी प्रक्रिया और कम कर दरों ने कंपनियों को अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है।


















