सतारा : किसानों को ‘AI’ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके गन्ने का प्रोडक्शन बढ़ाना चाहिए – डॉ. सरकाले

सतारा (महाराष्ट्र) : डिस्ट्रिक्ट को ऑपरेटिव बैंक के CEO डॉ. राजेंद्र सरकाले ने कहा, गन्ने का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए मिट्टी की खास अहमियत को ध्यान में रखते हुए, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की तरफ से मिट्टी और पानी की टेस्टिंग के लिए सब्सिडी दी जा रही है। इसी तरह, किसानों को ‘AI’ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके गन्ने का प्रोडक्शन बढ़ाना चाहिए। इसके लिए भी सब्सिडी दी जा रही है। अजिंक्यतारा कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री, महात्मा फुले एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, एग्रीकल्चर कॉलेज पुणे और सतारा डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सहयोग से अजिंक्यतारा फैक्ट्री साइट पर एक एनवायरनमेंट फ्रेंडली गन्ना मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और किसान ट्रेनिंग वर्कशॉप हुई। डॉ. सरकाले इस मौके पर बोल रहे थे।

इस मौके पर, सॉइल साइंस और एग्रीकल्चर केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के हेड और पूर्व फील्ड डायरेक्टर डॉ. सुभाष ढाणे, डिस्ट्रिक्ट बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. सरकाले, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार फाळके ने किसानों को गाइड किया। डॉ. ढाणे ने एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की तरफ से मिट्टी, फसल बचाने, बीमारियों, बेहतरीन किस्मों पर की जा रही रिसर्च के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, किसानों को एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की बताई सलाहों को अपनाकर अपनी पैदावार बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।

डॉ. फाळके ने कहा कि, एग्रीकल्चर कॉलेज, डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल बैंक और अजिंक्यतारा फैक्ट्री के साथ मिलकर एक पर्यावरण के अनुकूल गन्ना बचाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है और उन्होंने ज़्यादा से ज़्यादा किसानों से इसमें हिस्सा लेने की अपील की। फैक्ट्री के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जीवाजी मोहिते ने कहा कि, मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले के गाइडेंस और बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के सहयोग से फैक्ट्री आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट नामदेव सावंत, संचालक विश्वास शेडगे,लेबर ऑफिसर रंजीत चव्हाण, एग्रीकल्चर ऑफिसर विलास पाटिल, सेक्रेटरी बशीर सन्दे और किसान मौजूद थे।

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