पुणे: राज्य में इस सीजन 2025-26 में चीनी मिलों पर फेयर एंड रिमुनरेटिव प्राइस (FRP) 28,083 करोड़ रुपये हुआ, जिसमें गन्ने की कटाई और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी शामिल है। इसमें से 23,831 करोड़ रुपये (84.86 प्रतिशत) किसानों के बैंक अकाउंट में जमा हो चुके हैं। इस बीच, चीनी आयुक्तालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश की चीनी मिलों पर किसानों का अभी भी FRP का 4,252 करोड़ रुपये बकाया है।
31 जनवरी, 2026 तक FRP पर चीनी आयुक्तालय की लेटेस्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें यह जानकारी दी गई है। उस रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जनवरी के आखिर तक पेराई किए गए गन्ने का बकाया तय कर दिया गया है। इसके मुताबिक, 205 चीनी मिलों ने करीब 724 लाख 74 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई पूरी कर ली थी। इसकी बकाया रकम 28,083 करोड़ रुपये है। इसमें से गन्ने की कटाई और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट मिलाकर किसानों को 23,831 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, बाकी रकम का भुगतान अभी भी किया जाना बाकी है।
205 में से सिर्फ 41 चीनी मिलों ने ही किसानों को 100 प्रतिशत, 75 मिलों ने 80 से 99 प्रतिशत, जबकि 44 मिलों ने 60 से 79 प्रतिशत, 45 मिलों ने जीरो से 59 प्रतिशत FRP का भुगतान किया है। यानी कुल 164 चीनी मिलों पर किसानों का FRP का 4,252 करोड़ रुपये बकाया है। दैनिक ‘पुढारी’ से बात करते हुए चीनी निदेशक (फाइनेंस) यशवंत गिरी ने कहा कि, चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते के गाइडेंस में समय-समय पर FRP का रिव्यू किया जा रहा है। लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ शुगर फैक्ट्रियों ने किसानों को FRP से ज्यादा भुगतान किया है। वहीं, देखा गया है कि महाराष्ट्र में शुगर फैक्ट्रियों द्वारा किसानों को FRP पेमेंट का परसेंटेज देश में अच्छा है। अगले दो हफ़्ते में 4,252 करोड़ रुपये का बकाया पेमेंट भी होने की उम्मीद है। इस बारे में चीनी आयुक्तालय बकाया FRP से जुड़ी शुगर फैक्ट्रियों की सुनवाई करेगा, उनकी बातें सुनेगा और आगे की कार्रवाई करेगा।

















