नई दिल्ली : नेशनल शुगर फेडरेशन (NFCSF) ने 15 मार्च 2026 तक देश में चीनी उत्पादन के ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, कई प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में पेराई कार्य अब समाप्ति की ओर है, लेकिन गन्ने की अधिक उपलब्धता और बेहतर दक्षता के कारण कुल उत्पादन और रिकवरी में सुधार हुआ है। इस सीजन में अब तक कुल 261.75 लाख मीट्रिक टन (LMT) चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले सीजन की इसी अवधि में यह 237.15 LMT था। इस साल अब तक लगभग 10% की वृद्धि दर्ज की गई है।
2025-26 चीनी वर्ष (SY) के दौरान कुल 540 चीनी मिलें संचालित हुईं, जबकि 2024-25 में यह संख्या 533 थी। हालांकि, वर्तमान में केवल 173 मिलें ही चल रही हैं, जो पिछले साल इसी समय चल रही 200 मिलों की तुलना में काफी कम है। महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन बढ़कर 98.50 LMT हो गया है, जबकि 2024-25 सीजन में यह 78.60 LMT था। राज्य में औसत रिकवरी 9.50% दर्ज की गई है, जो पिछले सीजन के 9.45% से थोड़ी अधिक है।
उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में मामूली वृद्धि हुई है और यह 81.50 LMT तक पहुंच गया है, जबकि पिछले सीजन में यह 80.95 LMT था। बेहतर रिकवरी के कारण यह बढ़ोतरी हुई है। राज्य में औसत चीनी रिकवरी 10.15% हो गई है, जो पिछले साल 9.60% थी। कर्नाटक में चीनी उत्पादन 45.80 LMT तक पहुंच गया है, जबकि 2024-25 सीजन में यह 39.10 LMT था। यहां औसत रिकवरी 8.65% दर्ज की गई है, जो पिछले साल के 8.50% से अधिक है। NFCSF की रिपोर्ट के अनुसार, पेराई सत्र धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, खासकर पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में, जबकि उत्तरी राज्यों में अभी भी पेराई कुछ समय तक जारी रहने की संभावना है।


















