नई दिल्ली : देश में चीनी मिलों द्वारा पेराई सीजन खत्म करना शुरू हो गया है और सत्र अंतिम चरण में पहुंच चूका है।अब तक चीनी उत्पादन पिछले सीजन के 197.80 लाख टन के मुकाबले 225.30 लाख टन पंहुचा है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के आकड़ों के मुताबिक, 14 फरवरी 2026 तक, देश में 534 में से 454 चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू है। देश में कुल 2419.59 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है और अब तक 225.30 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। देश अब तक तकरीबन 80 चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी है।
पिछले सीजन की बात करें तो 2024-25 में 532 चीनी मिलों ने पेराई में हिस्सा लिया था और 14 फरवरी 2025 तक 75 चीनी मिलें बंद हो गई थी। चीनी मिलों द्वारा 2176.97 लाख टन गन्ना पेराई कर 197.80 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ था। इस सीजन में देश में चीनी रिकवरी पिछले सीजन से ज्यादा है। देश में अब तक औसत चीनी रिकवरी 9.31% प्रतिशत है जबकि पिछले सीजन में इसी समय औसत चीनी रिकवरी 9.09 प्रतिशत थी।
राज्यों में चीनी उत्पादन के मामलें में महाराष्ट्र सबसे आगे है और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। NFCSF के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में अब तक 89.80 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में अब तक 65.60 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है। तीसरे नंबर पर कर्नाटक है।कर्नाटक में अब तक 41.70 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है।

















