पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) : जिले के गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बरखेड़ा स्थित एक चीनी मिल ने पेराई कार्य बंद कर दिया है, जबकि पूरनपुर की मिल ने भी पेराई बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है। इस बीच किसानों का लगभग ₹310 करोड़ भुगतान अब भी चीनी मिलों पर बकाया है। बरखेड़ा की बजाज चीनी मिल में पेराई पूरी तरह बंद हो चुकी है। पूरनपुर चीनी मिल ने किसानों को कैलेंडर पर्चियां जारी कर 25 फरवरी तक गन्ना आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। जिन किसानों की पर्चियां समाप्त हो चुकी हैं, वे मिल गेट से नई पर्ची प्राप्त कर सकते हैं। पर्ची संबंधी किसी भी समस्या पर किसान मुख्य गन्ना अधिकारी अमित चतुर्वेदी और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय श्रीवास्तव (पूरनपुर) से संपर्क कर सकते हैं।
पूरनपुर मिल में अब तक लगभग 18.33 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। जिले की अन्य दो चीनी मिलें मार्च के अंत तक पेराई जारी रख सकती हैं। चारों मिलों ने अब तक किसानों से कुल ₹835.91 करोड़ मूल्य का गन्ना खरीदा है, जिसमें से ₹525.70 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। नियम के अनुसार गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन इस अवधि के हिसाब से अभी भी ₹203.60 करोड़ बकाया है। वहीं कुल खरीद के सापेक्ष बकाया राशि ₹310.21 करोड़ तक पहुंच गई है। ‘जागरण’ से बात करते हुए जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने कहा कि, किसानों का गन्ना उपलब्ध रहने तक चीनी मिलों का संचालन जारी रहेगा और बकाया भुगतान को शीघ्र कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि, अब तक ₹525.70 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

















