तमिलनाडु : किसानों और व्यापारियों को गन्ना बिक्री में करना पड़ रहा है मुश्किलों का सामना

मदुरै : डिंडीगुल में गन्ने के किसानों और व्यापारियों को इस साल एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पोंगल का त्योहार खत्म हुए एक हफ्ता हो गया है, लेकिन डिंडीगुल के गांधी मार्केट में गन्ने के ढेर धूप में सूख रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि, मार्केट में दस टन से ज़्यादा गन्ना जमा हो गया है और इस साल बिक्री बहुत खराब रही है। व्यापारियों को डर है कि, एक हफ्ते के अंदर गन्ना खाने लायक नहीं रहेगा।

द हिन्दू में प्रकाशित खबर के अनुसार, कट्टूराजा नाम के एक व्यापारी का कहना है कि अकेले उनके ही लगभग ₹80,000 के गन्ने के बंडल बिना बिके पड़े हैं। उन्होंने कहा, अब, मुझे गन्ने का एक डंठल ₹30 में बेचना पड़ रहा है, जबकि सीजन में मुझे इसके ₹60 मिलते। कुछ व्यापारियों को ₹2 लाख से ₹3 लाख तक का नुकसान हो रहा है।

सेल्वा नाम के एक और व्यापारी के अनुसार, उसका लगभग 15 मिनी-ट्रक गन्ना बिना बिका पड़ा है। वह बताते हैं कि इस साल पोंगल से ठीक पहले जिले में हुई अचानक बारिश से वे हैरान रह गए। बारिश की वजह से हम गन्ना काट नहीं पाए और उसे मार्केट तक नहीं पहुंचा पाए। जब तक हमने ऐसा किया, तब तक ‘मट्टू पोंगल’ आ चुका था और धंधा कम हो गया था और हमारे पास बिना बिका माल बच गया।

अब, व्यापारी स्थानीय मंदिर उत्सवों या जल्लीकट्टू कार्यक्रमों के दौरान फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं। सनारपट्टी जैसे इलाकों में, गन्ने की फसल अभी भी खेतों में बिना काटे खड़ी है क्योंकि कोई खरीदार नहीं है। आर. गणेशन ने कहा कि, थाडिकोम्बु और चेट्टीनाइकेनपट्टी जैसे इलाकों में लगभग दस एकड़ में कटाई नहीं हुई है। अगर गन्ना नहीं काटा गया, तो फसल बर्बाद हो जाएगी।

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