लक्सर: गन्ने की कमी से जूझ रही लक्सर की राय बहादुर नारायण सिंह शुगर मिल ने बंदी का पहला नोटिस जारी किया है। मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि, वे 13 मार्च तक मिल को गन्ने की आपूर्ति कर दें, अन्यथा इसके बाद मिल कभी भी बंद की जा सकती है। दरअसल, इस बार जनवरी से ही लक्सर शुगर मिल में गन्ने की कमी बनी हुई है। फरवरी महीने में तो कई बार गन्ने की कमी के कारण मिल को रोजाना 10 से 12 घंटे तक बंद रखना पड़ा। मार्च शुरू होते ही गन्ने की आपूर्ति और घट गई, जिससे मिल प्रबंधन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Etv भारत में प्रकशित खबर के मुताबिक, मिल के प्रधान गन्ना प्रबंधक डॉ. बीएस तोमर ने बताया कि, गन्ने की कमी के कारण मिल का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास अभी भी गन्ना बचा हुआ है, वे 13 मार्च तक मिल को गन्ना उपलब्ध करा दें।उन्होंने बताया कि, इस पेराई सत्र में मिल ने डेढ़ करोड़ कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक मिल को केवल 1 करोड़ 7 लाख 35 हजार कुंतल गन्ने की ही आपूर्ति हो सकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक मिल में 1 करोड़ 15 लाख 88 हजार कुंतल गन्ने की पेराई हो चुकी थी, जो इस वर्ष की तुलना में 8 लाख 53 हजार कुंतल अधिक थी।
मिल की पेराई क्षमता 1 लाख 30 हजार कुंतल प्रतिदिन है। गन्ना खरीद के लिए मिल प्रबंधन ने मुख्य गेट के अलावा 122 क्रय केंद्र भी बनाए थे।इस सत्र में मिल प्रबंधन ने 20 फरवरी तक किसानों को 384.15 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है। समय पर भुगतान के कारण लक्सर शुगर मिल लंबे समय से उत्तराखंड में गन्ना भुगतान के मामले में पहले स्थान पर बनी हुई है। चालू पेराई सत्र में भी यह जिले में पहले स्थान पर है।


















