रूडकी : लक्सर चीनी मिल का पेराई सत्र गुरुवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। इस सीजन में मिल ने लगभग डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन गन्ने की कमी के कारण लक्ष्य हासिल नहीं हो सका।इस बार मिल ने करीब 1.14 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की, जो पिछले सीजन के 1.49 करोड़ क्विंटल के मुकाबले लगभग 35 लाख क्विंटल कम है। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक बारिश के कारण खादर क्षेत्र में गन्ने की फसल प्रभावित हुई, जिससे मिलों को गन्ने की आपूर्ति भी कम हुई। पूरे सीजन के दौरान चीनी मिलों को गन्ने की कमी का सामना करना पड़ा।
जिले की तीन मिलों में से इकबालपुर चीनी मिल इस बार बंद रही। बावजूद इसके, लक्सर मिल को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध नहीं हो सका।‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, प्रधान गन्ना प्रबंधक डॉ. बी.एस. तोमर ने बताया कि, मिल प्रबंधन ने 20 फरवरी तक किसानों को 384.15 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। यूनिट हेड एस.पी. सिंह के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार पेराई में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से मिल में रोजाना 14 से 16 घंटे तक ‘नो केन’ की स्थिति बनी रही। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेराई सत्र की अंतिम तिथि को दो बार आगे बढ़ाया गया था।

















