पुणे : राज्य के कोऑपरेटिव मिनिस्टर ने गन्ना किसानों का FRP बकाया रखा है। करीब डेढ़ महीने बाद भी कई फैक्ट्रियों ने एकमुश्त FRP के हिसाब से बिल नहीं दिए हैं। पूर्व MP राजू शेट्टी ने गुरुवार को शुगर कमिश्नर संजय कोलते को ज्ञापन देकर कोऑपरेटिव मिनिस्टर से नैतिकता के साथ मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की। इस बीच, उन्होंने यह भी मांग की कि गन्ना पेराई के 14 दिन के अंदर बिल न देने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और बकाया पैसा किसानों के अकाउंट में जमा किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा था कि राज्य में कई चीनी फैक्ट्रियां तराजू और बिल में हेराफेरी करके चोरी करती हैं। इसलिए इस पर कंट्रोल करने के लिए हर शुगर फैक्ट्री में सरकार का डिजिटल तराजू लगाया जाए और उसे ऑनलाइन किया जाए। अगर सरकार के पास तराजू लगाने के लिए फंड नहीं है, तो MLA या MP के लोकल डेवलपमेंट फंड से तौल कांटे लगाए जाएं। इस अवसर पर योगेश पांडे, प्रकाश तात्या बलवडकर और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
















