पराली जलाये जाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश न लगाने पर 08 जिला गन्ना अधिकारियों का जवाब तलब

लखनऊ: प्रदेश के आयुक्त गन्ना एवं चीनी, श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने गन्ने की सूखी पत्तियों के जलाए जाने की कतिपय घटनाओं की सूचना मिलने पर कड़ा रुख अपनाते हुए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कुशीनगर एवं महाराजगंज जिलों के जिला गन्ना अधिकारियों का जवाब तलब किया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में किसानों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।

आयुक्त महोदय ने प्रदेश के सभी जिला गन्ना अधिकारियों, उप गन्ना आयुक्त एवं चीनी मिलों को कृषक गोष्ठी एवं कृषक मेला, पम्पलेट, वॉल पेंटिंग, समाचार पत्रों एवं दूरदर्शन के माध्यम से किसानों को जागरूक करने तथा फार्म मशीनरी बैंकों के माध्यम से आर.एम.डी. ट्रैश मल्चर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। किसानों को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा-19, की उप धारा-5 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके शासन द्वारा फसल अवशेष को जलाए जाने को प्रतिबंधित किए जाने की भी जानकारी देने तथा इसको जलाने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही भी करने के प्रति सचेत करने पर भी बल दिया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि विभागीय प्रयासों के फलस्वरूप गत वर्षों के सापेक्ष इस वर्ष गन्ने की सूखी पत्तियों एवं अवशेषों को जलाए जाने की घटनाओं में बहुत कमी आई है और यदि कहीं ऐसा पाया जाता है तो उसे रोकने के लिए विभाग पूर्णतया तत्पर है।

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