2020-21 : वैश्विक बाजार चीनी की आपूर्ति में कमी की संभावना.

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नई दिल्ली / न्यूयॉर्क : आंतरराष्ट्रीय चीनी संगठन (आईएसओ) ने चालू वर्ष के लिए 171.6 मिलियन टन की खपत के खिलाफ 171.1 मिलियन टन वैश्विक चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है। यूरोपीय संघ, ब्राजील और थाईलैंड में उत्पादन अनुमान (पूर्वानुमान की तुलना में) कम होने के कारण है।भारत, यूरोपीय संघ और थाईलैंड से काफी कम उत्पादन के कारण चीनी की कीमतें 2019-20 में बढ़ने की उम्मीद थी। हालांकि, कोरोना महामारी के व्यवधानों और लॉकडाउन के कारण फरवरी और अप्रैल 2020 के बीच चीनी की कीमतें 30 प्रतिशत से अधिक गिर गईं।ब्राजील और थाईलैंड में प्रतिकूल मौसम और यूरोप के उत्पादन में गिरावट के चलते अब भारत पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो 2020 – 21 चीनी सीजन में जादा चीनी उत्पादन करने की संभावना है। वैश्विक घाटे के उत्पादन परिदृश्य में, भारत में चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन बड़े पैमाने पर अधिशेष स्टॉक कीमतों पर असर डालने की संभावना हैं।

ब्राजील और थाईलैंड के साथ साथ यूरोपीय संघ कोरोना बीमारी की उच्च घटनाओं के कारण लगातार तीसरे वर्ष चीनी उत्पादन में गिरावट के लिए तैयार है। लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील के साथ, प्रमुख एशियाई देशों, विशेष रूप से इंडोनेशिया और चीन, शीर्ष दो आयात करने वाले देशों की चीनी मांग अधिक होने की संभावना है। इंडोनेशिया 2021 में रिकॉर्ड 3.3 मिलियन टन की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक चीनी का आयात करेगा। चीन ने पहले ही जनवरी-नवंबर 2020 में 4.36 मिलियन टन चीनी का आयात किया है, जो पिछले साल की समान अवधि से 37 प्रतिशत अधिक है और इसके स्वीटनर भंडार में और वृद्धि की उम्मीद है ।ISMA के अनुसार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मुख्य रूप से उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण 1.5 लाख टन के इथेनॉल डाइवर्जन के कारण, इसके चीनी उत्पादन में कमी के बाद भी, भारत में 30.5 मिलियन चीनी का उत्पादन होने की संभावना है। चालू सीजन की शुरुआत में 10.64 मिलियन टन के कैरीओवर स्टॉक के साथ और घरेलू मांग 26 मिलियन टन होने के कारण, भारत में 15 मिलियन टन अतिरिक्त चीनी होगी।

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