सूखाग्रस्त मराठवाड़ा क्षेत्र के बांधों में 49 प्रतिशत पानी; गन्ने की खेती में हो सकती है बढ़ोतरी

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औरंगाबाद : चीनी मंडी

राज्य सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त मराठवाड़ा क्षेत्र के 964 जलाशयों में सोमवार को पानी 49.79 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल महज 5.97 प्रतिशत था। पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में हुई भारी बारिश के कारण इस साल बांधों में पानी की मात्रा काफी अच्छी है।

आंकड़ों के अनुसार, गोदावरी नदी पर, क्षेत्र के जलाशयों में से सबसे बड़ा जयकवाड़ी बांध में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान ‘शून्य संग्रहण’ के मुकाबले इस साल 73.33 प्रतिशत पानी है। इस क्षेत्र के प्रमुख जिलों में से एक लातूर शहर को पानी की आपूर्ति करने वाला मांजरा डैम में इस साल भी ‘शून्य भंडारण’ स्तर पर बना हुआ है जैसा कि पिछले साल हुआ था। सिंचाई विभाग की वेबसाइट के अनुसार, प्रमुख बांधों में पानी की उपलब्धता 61.64 प्रतिशत है, जबकि पिछले साल इसी दिन 3.13 प्रतिशत, मध्यम बांधों में 39.04 प्रतिशत, जबकि पिछले वर्ष 10.68 प्रतिशत थी। छोटे बांधों में पानी 26.57 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष 10.23 प्रतिशत था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जल संरक्षण विशेषज्ञ प्रदीप पुरंदरे ने दावा किया कि, बांधों में पानी का यह उच्च स्तर दर्शाता है की सिंचाई के लिए पर्याप्त उपयोग नहीं किया जा रहा है। पानी की उच्च उपलब्धता से गन्ने की खेती भी बढ़ सकती है।

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