देश के 6 करोड़ किसानों को नहीं मिला ‘प्रधानमंत्री किसान योजना’ का लाभ, ऐसे होगा समाधान!

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नई दिल्लीः आवेदन और आधार कार्ड में गलतियां होने के कारण देश के 6 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ नहीं मिल सका है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पीएम-किसान टीम का गोरखपुर के एक किसान के मोबाइल पर संदेश मिला। इस संदेश से साफ हो गया की कागजों में गड़बड़ी की वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की तीसरी किश्त का पैसा बैंक खाते में नहीं पहुंचा है। ऐसे करीब पौने छह करोड़ किसान हैं जिन्हें आधार वेरिफिकेशन की वजह से अंतिम किश्त नहीं मिल पाई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक फिलहाल तो वेरीफिकेशन के अभाव में देश के 9 राज्यों में एक भी किसान को अंतिम किश्त का पैसा नहीं मिला है। देश में इस वक्त 7.5 करोड़ किसान भाईयों को इस योजना का लाभ मिला है। इसमें से पौने दो करोड़ को ही अंतिम किश्त का पैसा मिला पाया है। बाकी इसके इंतजार में हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तीसरी किश्त के लिए लाभार्थी किसानों का बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन पहले ही जरूरी किया गया था। स्कीम की 2 किश्त तो लोकसभा चुनाव से पहले ही बिना सत्यापन के दे दी गई थी। लेकिन तभी अंतिम किश्त के लिए आधार की शर्त भी रखी गई थी।

बायोमैट्रिक वेरीफिकेशन से उन लोगों का भी पता चल रहा है जिन्होंने गलत तरीके से लाभ लिया है और उन लोगों के कागज भी दुरुस्त किए जा रहे हैं जिनके आवेदन और आधार कार्ड में नाम या स्पेलिंग का कोई अंतर है। योजना के तहत हर साल किसान को तीन बार 2-2 हजार रुपये खेती-किसानी के लिए दिए जाएंगे।

कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा जिन किसानों के आवेदन वाले नाम और उनके आधार कार्ड में लिखे गए नाम में कोई भिन्नता है वो किसान सम्मान निधि के पोर्टल के फामर्स कॉर्नर पर जाकर अपना नाम अपडेट करें या फिर अपने नोडल अधिकारी से संपर्क करें. इसमें एडिट आधार डिटेल का एक ऑप्शन आएगा. इसी में कोई भी किसान योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकता है।

मोदी सरकार ने सभी किसानों के लिए पीएम-किसान स्कीम लागू कर भले ही कर दी है लेकिन कुछ लोगों के लिए तो शर्तें लगाई ही गईं हैं। जिन लोगों के लिए कंडीशन लागू है वो यदि गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं तो आधार वेरीफिकेशन में पता चल जाएगा।

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