होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा भारी मात्रा में छोटे होटल बंद होने के कगार पर

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नई दिल्ली: होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने कहा कि, कोरोना महामारी का होटल उद्योग पर गहरा असर पड़ा हैं। एसोसिएशन ने कहा कि, महामरी के दौरान कई होटल बंद हो गए हैं और लगभग 70%, छोटे होटल बंद होने के कगार पर है। एचएआई के महासचिव एमपी बेजबरुआ ने कहा, कुल नुकसान का अभी तक आकलन नहीं किया गया है, लेकिन हमारी प्रारंभिक समझ यह है कि 40% से अधिक होटल बंद हो गए हैं और लगभग 70%, ज्यादातर छोटे होटल बंद होंगे। छोटे होटलों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यदि ऐसे ही हालात लंबी अवधि तक बने रहते है, तो इस क्षेत्र के कारोबार को भारी सेंध लग जाएगी।

‘एचएआई’ ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होटल उद्योग को राहत प्रदान करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है, क्योंकि यह उद्योग पतन के कगार पर खड़ा है। ‘एचएआई’ ने पांच प्रमुख मांगो पर प्रकाश डाला, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इसने ऋणों के एकमुश्त निपटान, सितंबर 2021 तक ऋण स्थगन का विस्तार, महामारी की अवधि के लिए केंद्र, राज्य और नगरपालिका स्तरों पर सभी वैधानिक देनदारियों में छूट, प्रोत्साहन पैकेज-होटल कर्मचारियों के वेतन में सब्सिडी, ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस’ के अनुसार और पर्यटन और होटल उद्योग को संविधान की समवर्ती सूची में लाना आदि मांगे शामिल है।

बेजबरुआ ने कहा, होटल इंडस्ट्री कोरोना के कारण देश में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। देश में सभी श्रेणियों के होटलों का राजस्व लगभग शून्य है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक उद्योग के रूप में, हम सरकार से समय पर उचित कदम उठाने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया की, इस उद्योग से जुडी कुल नौकरियों में से 70% प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खतरे में है। ‘एचएआई’ ने पीएम मोदी से अप्रैल 2021-मार्च 2022 तक होटल कर्मचारियों के वेतन में 50% तक प्रोत्साहन पैकेज-सब्सिडी देने का अनुरोध किया है, जैसा कि कई देशों द्वारा उनके आर्थिक सुधार कार्यक्रमों के एक भाग के रूप में किया जा रहा है।

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