काशीपुर : उत्तराखंड सरकार ने चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। आपको बता दे की, गन्ना विकास विभाग ने काशीपुर जनपद में जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती, उन्नत प्रजातियों, सहफसली प्रणाली और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं।
हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर में कहा गया है की, अभियान का मुख्य संदेश “धान के स्थान पर गन्ने की फसल उगाना है, मृदा सुधार कर भावी पीढ़ी को बचाना है। शनिवार को सहायक गन्ना आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि, गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है, जो कृषकों की आय का स्थायी स्रोत बन सकती है। उन्होंने किसानों को गन्ने के साथ अंत:फसल (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
मुख्य गन्ना अधिकारी डॉ. राजीव कुमार के अनुसार गन्ने के साथ दलहन, तिलहन अथवा सब्जियों की खेती कर किसान एक ही खेत से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा गन्ने का अब तक का अधिकतम मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को बेहतर पारिश्रमिक सुनिश्चित हो रहा है।

















