महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर हुई कार्रवाई

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सातारा: महाराष्ट्र में गन्ना बकाया मुद्दा तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है और इसी को लेकर अब प्रसाशन भी चीनी मिलों पर सख्त दिखती हुई नज़र आ रही है। राज्य में गन्ना बकाया जल्द से जल्द चुकाया जाए, इसलिए चीनी आयुक्त द्वारा चीनी मिलों पर कार्रवाई की गई है।

चीनी आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने सतारा जिले के तीन चीनी मिलों पर राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरआरसी) के अनुसार जब्ती के आदेश जारी किये है। इन मिलों ने पेराई सीजन 2018-2019 का गन्ना बकाया अब तक नहीं चुकाया है। तीनों चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 23 करोड़ 59 लाख 41 हजार रुपये बकाया है।

जब्ती आदेश में ग्रीन पॉवर शुगर्स, शरयू अ‍ॅग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड और स्थानीय नेता बालासाहेब देसाई की सहकारी चीनी मिल शामिल है।

खटाव तालुका की ग्रीन पावर शुगर्स लिमिटेड पर 2018-2019 सीजन का एफआरपी (FRP) 5 करोड़ 2 लाख 11 हजार रुपये है। फलटण तालुका की शरयू अ‍ॅग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड को गन्ना किसानों को 16 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपये का भुगतान करना बाकी है। वही स्थानीय नेता बालासाहेब देसाई की सहकारी चीनी मिल को 2 कोटी 33 लाख 59 हजार रूपये गन्ना किसानों को चुकाना है।

तीनों चीनी मिलों को आदेश में कहा गया है की वे चीनी, मोलासेस, और बगास बेचकर, जो पैसे मिलेंगे उसमे से गन्ना बकाया 15 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करे। सतारा कलेक्टर को आदेश दिया गया है की वे सुनिश्चित करे की प्रावधान के अनुसार गन्ना बकाया 15 प्रतिशत ब्याज सहित चुकाया जाए।

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