चीनी मिलों को CSR के तहत गन्ना किसानों को जूट के बैग उपलब्ध करवाने की सलाह

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लखनऊ, 10 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म जयन्ती पर एक बार उपयोग मे ली जाने वाली प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने की अपील के बाद देशभर में  “से नो टू प्लास्टिक कैम्पेन” को गति मिलने लगी है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सूबे में स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोगों से प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया है। अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ में चीनी मिलों के साथ शासकीय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने चीनी मिलों से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी (CSR) के तहत गन्ना किसानों को सिंगल यूज्ड प्लास्टिक को उपयोग न लाने के लिए जागरुक करने के लिये निर्देशित किया है। बैठक में प्रदेशभर से आए चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और पॉलीथीन को प्रतिबंधित करने के लिये शासन के साथ सहयोग का वादा किया। चीनी मिलों को संबोधित करते हुए, गन्ना सचिव भूसरेडी ने कहा कि चीनी मिलें सीएसआर के तहत गन्ना किसानों को जूट के बैग या इको फ्रैंडली थैले वितरित करे ताकि किसान व्यावहारिक तौर पर प्लास्टिक को काम में लेने से बचे। इस अवसर पर चीनी मिल मालिक संजय कुमार ने बताया कि सरकार की पहल क़ाबिले तारीफ़ है। प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त भारत बनाने के लिए इस अभियान की शुरुआत गाँवों से ही होनी चाहिए। संजय ने कहा कि हम गाँवों में वोलियंटर्स तैयार कर इस काम को आगे बढाने के लिए ‘’हर घर की खूँटी पर थैला हो जूटी’’ का अभियान चलाएंगे। संजय ने कहा कि इससे एक और हमारा सामाजिक दायित्व पूरा होगा , वहीं किसान पर्यावरण जागरुकता के प्रति प्रेरित होंगे। चीनी मिलों के प्लास्टिक मुक्त अभियान पर बात करते हुए डालमिया चीनी मिल के अधिकारी उमेश उपाध्याय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हम प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और इसकी शुरुआत हम अपने चीनी मील से कर रहे है ताकि अन्य लोगों को प्रेरणा मिल सके। उपाध्याय ने कहा कि सीतापुर के आसपास के ग्रामीण इलाक़ों के गन्ना किसानों को जागरुक करने के लिए हमारे लोग डोर टी डोर कैम्पेन कर गन्ना किसानों और अन्य ग्रामीणों को जागरुक करने का काम करेंगे। इसके लिए स्कूली बच्चों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा । भागीदार स्कूलों को हम जूट का बैग देंगे। इन बेग्स पर स्लोगन लिखकर हम जन चेतना जगाने का काम करेंगे।

पॉलीथीन प्रतिबंध करने के सवाल पर मीडिया से बात करते हुए मुज़फ़्फ़र नगर के प्रगतिशील गन्ना किसान छोगाराम ने बताया कि चीनी मिलें जिस तरह से बोरे में चीनी पैकिंग करके बेचती है इसी तरह से बाज़ार में भी अगर एक क़िलों और पाँच क़िलों के जूट या अन्य क़िस्म के बैग मिलने लगेंगे तो हमें दिक्कत नहीं होगी। छोगाराम ने कहा कि धीरे धीरे सब पॉलीथीन को प्रतिबंध कर देंगे अभी हम जागरुक हुए है आने वाले दिनों में पूरे समाज को जागरुक कर देंगे।
मेरठ के प्रगतिशील किसान रामकरण में बताया कि चीनी मिलों को चाहिये कि वो गन्ना किसानों को सस्ती दर पर जितना चाहे उतनी मात्रा में जूट के बैग प्रदान कराएँ ताकि किसान जब भी बाज़ार निकलेंगे तो जूट बैग लेकर निकलेंगे। इससे वो व्यावहारिक तौर पर जूट के बेग इस्तेमाल करेंगे तो पर्यावरण का नुक़सान होने से बचेगा और देश पॉलीथीत प्रदूषण से मुक्त भी हो जाएगा।

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