उत्तर प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में गन्ना दर को लेकर छिड़ा घमासान

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कोल्हापुर : चीनी मंडी

गन्ना दर को लेकर देश के कई राज्यों में किसान अपनी आवाज़ उठा रहे है। उत्तर प्रदेश में कई किसान संघटन सहित राजनैतिक पार्टियां गन्ना दर बढ़ाने की मांग कर रहे है। अब यह मुद्दा महाराष्ट्र में भी सक्रिय हो चूका है। शिवसेना उप जिलाप्रमुख विजय पाटिल और संभाजीराव भोकरे ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की, 2019 – 2020 चीनी सीजन में गन्ना दर तय करने के लिए शिवसेना की तरफ से भी गन्ना सम्मेलन का आयोजन किया गया है। शिवसेना द्वारा यह तीसरा गन्ना सम्मेलन आयोजित किया गया है। यह सम्मेलन गुरुवार को शाम चार बजे राधानगरी तहसील के तुरुम्बे में होगा। जिलाप्रमुख विजय देवने, विधायक प्रकाश आबिटकर और वरिष्ठ किसान नेता मारुतराव जाधव की अध्यक्षता में सम्मेलन होगा।

पाटिल और भोकरे ने कहा की, जिले के कई मिलों द्वारा एफआरपी भुगतान लंबित है। हर साल पेराई सीजन की शुरुआत में, सभी मिलर्स एफआरपी से ज्यादा दर देनें की घोषणा करते तो हैं, मगर कोई भी मिल एफआरपी से अधिक का भुगतान नही करती हैं। मिलों के इस रवैये से किसानों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए इस साल जब तक मिलों द्वारा गन्ना दर का ऐलान नही होता है, तब तक शिवसेना एक भी चीनी मिल शुरू नही होने देगी। उन्होंने कहा की, भारी बारिश और बाढ़ के कारण गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए किसानों को अच्छी दर का भुगतान करने की आवश्यकता है। सम्मेलन में एफआरपी के साथ कृषि, किसानों और खेत मजदूरों की पेंशन, फसल बीमा और केंद्र सरकार से अनुदान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।

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