देश के सभी वाहन 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने चाहिए : नितिन गडकरी

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले में 4,075 करोड़ रुपये लागत की 527 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अहमदनगर में केडगाव में आयोजित एक कार्यक्रम में इन परियोजनाओं का भूमिपूजन और राष्ट्र को समर्पित किया।

श्री गडकरी ने कहा कि पानी, बिजली, परिवहहन और संचार देश के विकास के अहम पहलुओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा, देश में गरीबी, भूख, बेरोजगारी के उन्मूलन के साथ ही ग्रामीणों, गरीबों, मजदूरों और किसानों के कल्याण के क्रम में इन सेक्टरों में ज्यादा रोजगार का सृजन होना चाहिए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री गडकरी ने चीनी को एथेनॉल में परिवर्तित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एथेनॉल के उत्पादन से देश के ईंधन की बचत हो सकती है। उन्होंने कहा, ब्राजील की तर्ज पर बिजली और एथेनॉल से वाहन चलाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमारे देश में पिछले साल देश में 4.65 अरब लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ और हमें 16.5 अरब लीटर एथेनॉल की जरूरत है। इसलिए, केन्द्र सरकार उतना एथेनॉल लेगी, जितना उत्पादन होता है।” श्री गडकरी ने कहा, “पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल एक बेहतर और सस्ता हरित ईंधन है। देश में सभी वाहन 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने चाहिए।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम अपने देश में 12 लाख करोड़ रुपये मूल्य का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस का आयात कर रहे हैं। भारत सरकार ने एथेनॉल पम्पों को अनुमति दे दी है। इसलिए, सभी चीनी मिलों को अपने-अपने क्षेत्रों में एथेनॉल पम्प शुरू कर देने चाहिए।” उन्होंने कहा कि देश को 240 लाख टन चीनी की आवश्यकता है, जबकि बीते साल यहां पर 310 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस 70 लाख टन अतिरिक्त चीनी को एथेनॉल में परिवर्तित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार बिजली खरीद समझौते की तरह ही पांच साल के लिए एथेनॉल खरीद समझौता करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “यदि निकट भविष्य में एथेनॉल का उत्पादन हुआ तो आयात में कमी आएगी और किसानों को कच्चे तेल के आयात पर खर्च हो रहे 12 लाख करोड़ रुपये में से 5 लाख करोड़ रुपये की आय होगी। गन्ने की अच्छी कीमत मिलेगी और किसान लंबे समय तक गरीब नहीं रहेंगे।” केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने न सिर्फ गन्ने से, बल्कि चावल, मक्का और अन्य अनाजों से एथेनॉल के उत्पादन को अनुमति दे दी है।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जहां भी जमीन उपलब्ध कराएगी, केन्द्र सरकार वहां पर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रियल क्लस्टर और ट्रांसपोर्ट शहरों की स्थापना के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, पश्चिमी महाराष्ट्र में चीनी उद्योग और दूध उत्पादन के चलते विकास हुआ है।

अहमदनगर जिले में 527 किलोमीटर लंबी सड़क विकास परियोजनाएं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग, महाराष्ट्र सरकार द्वारा कार्यान्वित की जाएंगी। इन परियोजनाओं में शामिल हैं : 2,013 करोड़ रुपये के खर्च से एनएच-516ए के अहमदनगर-करमाला-तेम्भूर्णी खंड की चार लेनिंग, 496 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-160 के अहमदनगर बायपास से सावली बिहार खंड का अपग्रेडेशन, 35 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-61 (पूर्व नाम एनएच-222) के अहमदनगर और भीनगर सिटी खंड को मजबूत बनाना, 400 करोड़ रुपये की लागत से एनएच 548डी के अधलगाव से जामखेड़ खंड का अपग्रेडेशन और 85 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत 14 परियोजनाएं।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों में सांसद (राज्यसभा) श्री शरद पवार, सांसद (शिरड़ी लोकसभा संसदीय क्षेत्र) श्री सदाशिव लोखंडे, सांसद (अहमदनगर लोकसभा संसदीय क्षेत्र) डॉ. सुजय विखे पाटिल और महाराष्ट्र सरकार में ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री और अहमदनगर के संरक्षक मंत्री श्री हसन मुशरिफ आदि शामिल रहे।

(Source: PIB)

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