डीजल के दामों में बढ़ोतरी से खेती पर पड़ रहा है प्रभाव

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विजयवाड़ा, आंध्रप्रदेश: किसानों का कहना है की डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से किसान समुदाय पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है और इस कोविड काल में उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। आंध्रप्रदेश के जिलों में किसान पहले से ही अपनी उपज के लिए कम कीमतों और अन्य कृषि संबंधी मुद्दों के कारण परेशान हैं। डीजल की कीमत बढ़कर 99.12 रुपये प्रति लीटर हो गई और यह कभी भी 100 रुपये को छू सकती है। खेती की गतिविधियों में मशीनरी का उपयोग अनिवार्य हो गया है। जिसमें भूमि की जुताई से लेकर परिवहन तक सभी जगह मशीनरी का उपयोग होता है और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी खेती को महंगा बना रही है।

किसानों का कहना है कि, पिछले दो वर्षों में कृषि उत्पादों की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जिलों में खरीफ और रबी सीजन में 1.5 करोड़ एकड़ में फसलों की खेती की जाएगी। प्रमुख फसलें गन्ना, धान, मिर्च, कपास, बंगाल चना, कपास, मक्का, सूरजमुखी, तंबाकू, मूंगफली, सब्जियां और बागवानी हैं। किसानों ने सरकार से किसानों को सब्सिडी पर डीजल उपलब्ध कराने और किसानों को मौजूदा वित्तीय संकट से बचाने के लिए फसलों को लाभकारी मूल्य देने का आग्रह किया।

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