पिपराइच चीनी मिल में डिस्टिलरी स्थापित करने की घोषणा

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लखनऊ: यूपी सरकार ने गोरखपुर जिले में पिपराइच चीनी मिल में 120 लीटर प्रति दिन (एलपीडी) क्षमता की एक डिस्टिलरी स्थापित करने की घोषणा की। मिल की क्षमता प्रतिदिन 5,000 टन गन्ने की पेराई करने की है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत यूनिट की स्थापना की जाएगी। गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल का उत्पादन करने वाला यह यूपी का पहला प्लांट होगा।प्रवक्ता ने बताया कि, बस्ती में मुंडेरवा चीनी मिल को भी 2017 में सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार द्वारा फिर से शुरू किया गया था। ब्रिटिश युग की मिल को पिछली राज्य सरकारों ने बंद कर दिया था।

पिछले शासन के दौरान बंद हुई तीन अन्य चीनी मिलों को भी राज्य सरकार ने पुनर्जीवित किया और उत्तर प्रदेश अब देश में चीनी उत्पादन में पहले स्थान पर है।नजीबाबाद सहकारी मिल में एथेनॉल प्लांट स्थापित किया हैं। सरकार ने बागपत में रमाला चीनी मिल की पेराई क्षमता 2,750 टीसीडी से बढ़ाकर 5,000 टीसीडी और मेरठ में मोहिउद्दीनपुर मिल की पेराई क्षमता 2,500 टीसीडी से बढ़ाकर 3,500 टीसीडी कर दी है।

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