विधानसभा चुनाव: सोलापुर में दस चीनी मिलर्स आजमा रहे है अपनी किस्मत…

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सोलापुर : चीनीमंडी

देश में सबसे अधिक चीनी उत्पादक जिले के रूप में सोलापुर को जाना जाता है, इस जिले के दस चीनी मिलर्स विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के माध्यम से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिसमे एनसीपी के चार, शिवसेना के तीन, भाजपा के दो और कांग्रेस का एक उम्मीदवार हैं। पंढरपुर और करमाला इन दो सीटों पर चीनी मिलर्स एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। चीनी मिलों से काफी पुराना रिश्ता रखनेवाले मोहिते पाटिल परिवार में से कोई भी इस बार चुनाव नही लड़ रहा हैं।

रश्मि बागल के पास दो सहकारी चीनी मिलें हैं, जिन्होंने हाल ही में राकांपा से शिवसेना में प्रवेश किया और करमाला से विधानसभा चुनाव लड़ रही है। आदिनाथ और मकाई इन दोनों चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और दोनों मिलें बंद हैं। बागल के खिलाफ जिला परिषद अध्यक्ष संजय शिंदे एनसीपी द्वारा प्रायोजित विपक्ष खड़े हैं। उनके पास माढा तालुका में एक निजी विठ्ठल चीनी मिल है। शिवसेना के बागी विधायक नारायण पाटिल की कोई चीनी मिल नहीं है। पंढरपुर निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा-प्रायोजित सुधाकर परिचारक और राकांपा के भारत भालके यह दोनों चीनी मिलर्स एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।

आर्यन शुगर फैक्ट्री, जो कि शिवसेना के बार्शी के उम्मीदवार दिलीप सोपल से जुड़ी है, कुछ सालों से बंद है। भाजपा के बागी उम्मीदवार राजेंद्र राउत जो उनके खिलाफ खड़े हैं, उनके पास चीनी मिल नहीं है। हालांकि, उनके निजी आधार पर, कृषि उपज बाजार समिति और दूध परियोजना जैसी परियोजनाएं हैं। दक्षिण सोलापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता और सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख के स्वामित्व वाले लोकमंगल समूह के पास दो चीनी मिलें हैं। अकालकोट में, कांग्रेस के उम्मीदवार और विधायक सिध्दाराम म्हेत्रे का अपने गांव दुधनी के पास मातोश्री लक्ष्मी शुगर नाम से एक निजी चीनी मिल है।

माढा के एनसीपी उम्मीदवार बबनराव शिंदे को एक बड़े चीनी मिलर के रूप में भी जाना जाता है। उनका परिवार छह चीनी मिलों का मालिक है। इनमें से केवल एक सहकारी चीनी फैक्ट्री है जिसे विठ्ठलराव शिंदे का कहा जाता है। शेष सभी मिलें निजी स्वामित्व वाली हैं। सोलापुर शहर मध्य निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के उम्मीदवार दिलीप माने के स्वामित्व में दो निजी चीनी मिलें हैं। राष्ट्रवादी के उम्मीदवार उत्तम जानकर, जो मालशिरस निर्वाचन क्षेत्र में मोहिते पाटिल के प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं, वह भी एक चीनी मिल के भी मालिक हैं, लेकिन अभी वह मिल बंद है।

अधिकांश मिलर्स गन्ना भुगतान देने में रहे है विफ़ल…

सोलापुर में विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादातर चीनी मिलर्स ही वोट मांग रहे हैं। हालांकि, इन दस चीनी मिलों के उम्मीदवारों में से अधिकांश उम्मीदवारों के चीनी मिलों ने समय पर ढंग से गन्ना किसानों का गन्ना भुगतान नहीं किया है।

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