‘बारामती एग्रो’ बीट से चीनी उत्पादन करने के लिए देगा बढ़ावा : रोहित पवार 

पवार ने हाल ही में इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला।
 
नई दिल्ली : चीनी मंडी  विविध कृषि आधारित फर्म बारामती एग्रो के सीईओ और हाल ही में इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के अध्यक्ष के रूप में पद संभालने  रोहित पवार ने कहा की, हम चीनी उत्पादन के लिए बीट (चुकंदर) की खेती को बढ़ावा देने की योजना बना रहे है। उनकी कंपनी, जो दो चीनी मिलों का मालिक है, इस साल से परीक्षण शुरू करने की योजना बना रही है।  चंडीगढ़ स्थित राणा शुगर 2012 से कुछ सीमित मात्रा में बीट (चुकंदर) से चीनी उत्पादन कर रहे है, मुंबई में मुख्यालय रेणुका शुगर ने अतीत में सीमित पैमाने पर बीट से चीनी उत्पादन की कोशिश की थी।
बीट के लिए गन्ने से कम पानी की आवश्यकता है…
किसानों और चीनी मिलों को चीनी उत्पादन के लिए चुकंदर की खेती से फायदा होगा। चूंकि बीट एक छोटी अवधि की फसल है, इसलिए  पानी की आवश्यकता कम हो जाती है। पवार ने कहा, दूसरी ओर बीट चीनी मिलों की क्षमता के उपयोग में मदद कर सकती है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में चीनी मिलों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जहां क्षमता का उपयोग कम है और उनके पास एक छोटा सा मौसम है। गन्ना क्रशिंग के बाद, यहां मिलें बीट से चीनी उत्पादन कर सकती हैं, जिससे मिलों की क्षमता का उपयोग बेहतर हो सकता है।
पवार ने कहा कि,  बीट का उपयोग करने वाली मिलों को शेष उपकरणों की आवश्यकता  हो सकती है, जिसके लिए 20-25 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं, । हम इस पर अमल करने की योजना बना रहे हैं। पवार ने कहा, एक बार जब हम पर्याप्त डेटा उत्पन्न करेंगे, तो हम इसे अन्य मिलों के साथ साझा करने की योजना बना रहे हैं।

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