बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भारत में करेगा किसानों की गन्ना उत्पादन बढ़ाने में मदद

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नई दिल्ली, 21 नवम्बर: भारत की यात्रा पर राजधानी दिल्ली आए दुनिया के जाने माने अरबपति और माइक्रोसॉफ़्ट के सह संत्थापक बिल गेट्स ने कृषि में सांख्यिकी डाटा के महत्व पर नई दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मीडिया बात करते हुए कहा कि भारत जैसे विविध भौगोलिक परिस्थितियों वाले देश में सांख्यिकी डाटा के ज़रिए कृषि से जुड़ी जनोपयोगी योजनाओं को संकलित कर बेहतर कृषि तकनीकों को अपनाया जा सकता है। गेट्स ने कहा कि भारत में गन्ने की फसल का कृषि और चीनी उद्योग में बहुत योगदान है। इस क्षेत्र में सांख्यिकी डाटा के ज़रिए ज़मीनी स्तर पर बेहतर व सटीक जानकारी हासिल कर अच्छी योजनाएं बनायी सकती है। भारत के गन्ना और चीनी उद्योग का राज्यों की जीडीपी अच्छा खासा योगदान है। लेकिन पानी की कमी से इस उद्योग के भविष्य पर संकट की स्थिति समाने आने वाली है। गेट्स ने कहा कि बिल एंड मिलेंडा गेट्स फाउंडेशन भारत में भविष्य की चुनौतियों के मद्देनज़र गन्ना उत्पादक राज्यों मे कम पानी में खेती की नवीन तकनीकें अपनाकर गन्ने के उत्पादन को बढ़ाने में भारत की मदद करेगा।

गेट्स ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों के कारण भविष्य में खेती और प्रभावित होगी। आज भी भारत में कुल भूमि का मात्र 14 फ़ीसदी हिस्सा कृषि उपयोग में लाया जा रहा है। कृषि के इस आँकड़े को बढाने के लिए हम भारत सरकार के साथ काम करेंगे। गेट्स ने कहा कि भारत में कुल जल का 75-80 फ़ीसदी हिस्सा कृषि कार्य में चला जाता है। इसमें भी गन्ने जैसी फसलें अधिकांश पानी को खींच लेती है। भारत सरकार के साथ मिलकर हम ऐसी तकनीकों के लिेए सहयोग देंगे जिससे कम पानी में गन्ने की अच्छी खेती हो सके। भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, जैसे राज्यों में पूरे भारत का 80 प्रतिशत गन्ना उत्पादित होता है। वहाँ पानी की कमी की बढ़ती चिन्ताओ को देखते हुए बिल एंड मिलंडा गेट्स फ़ाउंडेशन काम करेगा। इसके लिए ज़रूरी शोध पर भी वित्तीय मदद भी की जाएगी।

गेट्स ने कहा कि वर्षा के पानी के असमान वितरण पर सांख्यिकी तरीक़े से हर साल संगणक शोध करने की ज़रूरत है। ताकि पानी के असमान वितरण को रोकने के लिेए संतुलित व व्यवस्थित बजट आधारित कार्यक्रम चालाया जा सके।

बिल एंड मिलेंडा गेट्स फ़ाउंडेशन द्वारा भारत में कृषि सहयोग के विषय पर मीडिया से बात करते हुए केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि बिल गेट्स के साथ क़रीबन आधे घंटे तक कई मुद्दों पर बात हुई है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास पर फ़ोकस दिया है। देश में गन्ना की खेती में हो रही पानी की ज़्यादा खपत को रोकने के उपायों पर उन्होंने शोध आधारित सहयोग की बात कही है।

देश में बारिश के असमान वितरण और कम होते पानी की के बेहतर उपयोग पर उन्होने ज़ोर दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार गन्ने की कम पानी वाली फसलों की क़िस्मों को बढ़ावा दे रही हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने गन्ने की C 0238 प्रजाति निकाली है जो कम पानी में भी उच्च स्तर की पैदावार देती है। लेकिन भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध को बढ़ावा देने में बिल गेट्स फांउंडेशन का भी हम सहयोग लेंगे। मंत्री ने कहा कि बिल गेट्स ने कहा है कि भारत भविष्य के जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिेए पूरी तरह से तैयार है इसमें बिल गेट्स और मिलेंडा फाउंडेशन की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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