चीनी कीमतों में गिरावट के कारण ब्राजील परेशान; किया डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट रद्द

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साओ पाउलो : वैश्विक बाजार में चीनी कीमतों में गिरावट के कारण कुछ ब्राजील की मिलों ने व्यापारियों के साथ चीनी डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है। मिलर्स और विश्लेषकों ने कहा की, न्यूयॉर्क की कच्ची चीनी का वायदा कॉन्ट्रैक्ट में भारी गिरावट हुई है और जिसने चीनी की जगह इथेनॉल को और अधिक आकर्षक विकल्प बनाया है। ब्राजील की मिलों के इस फैसले से भारतीय चीनी उद्योग को फायदा हो सकता है, क्योंकि भारत अपनी अधिशेष चीनी वैश्विक बाजार में उतार सकता है।

ऐतिहासिक रूप से, ब्राजील की मिलें वर्ष की दूसरी छमाही में अधिक चीनी का उत्पादन करती हैं, क्यूंकि इस मौसम में देर से काटे गए गन्ने में चीनी की मात्रा बढ़ जाती है। लेकिन इस साल, कीमतों में गिरावट के कारण नुकसान होने की संभावना हैं, इसलिए वे इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, और जितना संभव हो सके उतने चीनी वितरण अनुबंधों को रद्द कर रहे हैं। आर्चर कंसल्टिंग के आर्नलो कोरेया ने कहा कि, उनके कुछ ग्राहकों ने उन्हें अपने अनुबंध रद्द करने के बारे में बताया था, लेकिन गोपनीयता समझौतों के कारण कोरेया ने उनके नाम उजागर करने से मना कर दिया। मिल्स केवल अनुबंध वापस लेने में सक्षम होते हैं जब हस्ताक्षर करने से पहले समझौते के लिए प्रावधान जोड़े गए हों।

कोरेया ने कहा कि मिलें आमतौर पर चीनी की भौतिक डिलीवरी को रद्द करने के लिए शुल्क का भुगतान करती हैं। वे चीनी के मुकाबले, गन्ने से इथेनॉल में ज्यादा पैसे कमाते है, भले ही उन्हें शुल्क देना पड़े।

बेवाप के वाणिज्यिक निदेशक, लिंड्रो डी मेनेजेस मार्टिग्नन ने कहा क, मिल अपना रुख चीनी उत्पादन की बजाय इथेनॉल उत्पादन की तरफ करना चाहती है, इसलिए उन्होंने अनुबंध रद्द करने का फैसला किया। चीनी उत्पादन के लिए केवल 25% छोड़कर, इथेनॉल उत्पादन को 75% तक गन्ना आवंटित करने की योजना है।

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