गन्ना विकास विभाग द्वारा अपने हित धारकों के व्यवसाय में आसानी हेतु विभागीय कार्यों एवं नियमों के सरलीकरण पर परिचर्चा का आयोजन

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लखनऊ: गन्ना विकास विभाग द्वारा अपने हित धारक पक्षों की समस्याओं के समाधान हेतु पिछले 04 वर्षों में शासन एवं मुख्यालय स्तर से व्यवस्थाओं का सरलीकरण एवं आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है, इस हेतु निर्गत आदेषों-निर्देषों का संकलन ’ईज ऑफ डूईंग बिजनेस इनीषियेटिव फाॅर स्टेकहोल्डर्स’ नामक पुस्तक में किया गया है। इस पुस्तक से सम्बंधित विषयों पर विस्तृत परिचर्चा का आयोजन आज गन्ना आयुक्त कार्यालय के सभागार में सम्पन्न हुआ।

इस परिचर्चा में मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय सह-संस्थाओं के प्रमुखों एवं फील्ड में तैनात परिक्षेत्रीय एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ सभी गन्ना समितियों के सचिवों एवं गन्ना विकास परिषदों के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों द्वारा भी आॅन-लाइन प्रतिभाग कर अपने विचार रखे गये। परिचर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा की गयी।

कार्यक्रम में हित धारक पक्षों को होने वाले लाभ आदि पर परिचर्चा के दौरान श्री भूसरेड्डी ने अपने उद्बोधन मे कहा कि उत्तर प्रदेष शासन के निर्देषानुसार विभागीय कार्यों एवं व्यवस्थाओं का सरलीकरण तथा आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग कर शासकीय कार्यों को हित धारकों जैसे किसानों, संस्थाओं एवं चीनी मिलों इत्यादि के लिए अत्यन्त सुविधाजनक एवं सहज बनाया गया है, जिससे सभी हित धारक पक्षों को विभागीय योजनाओं आदि का पूर्ण लाभ मिल सके। विभागीय कार्यों एवं व्यवस्थाओं के सरलीकरण तथा उससे हित धारक पक्षों को होने वाले लाभ आदि का विस्तृत विवरण ’ईज ऑफ डूईंग बिजनेस इनीषियेटिव फाॅर स्टेकहोल्डर्स’ पुस्तक में समाहित किया गया है।

परिचर्चा के दौरान श्री भूसरेड्डी ने थाॅमस जैफरसन के कथन ’’That Government is best which Governs the least’ का सन्दर्भ देते हुए बताया कि विभाग अपने हित धारकों की समस्याओं का न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ शीघ्र समाधान करने हेतु प्रयासरत है। उन्होने पुस्तक के विषय में बताया कि इस पुस्तक में लगभग 50 से अधिक आदेषों एवं नीतिगत निर्देषों का संकलन किया गया है। जिनमें चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास के सुदृढीकरण, गन्ना खेती में अभिनव प्रयोग, गन्ना यातायात में सुगमता, गन्ना क्रय प्रणाली में सुधार, ई-गन्ना ऐप, गन्ना समितियों का सुदृढ़ीकरण तथा खाण्डसारी इकाईयों को प्रोत्साहन सहित कार्यों के सरलीकरण एवं दक्षता बढ़ाने आदि से सम्बन्धित विभिन्न आदेष-निर्देष शामिल है। अपर मुख्य सचिव नेे विभाग के समस्त कार्मिकों से अपील की, कि वह इस संकलन को अध्ययन कर सहेज कर रखें तथा विभाग केे हित धारक पक्षों को सहूलियत पहुचायें।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस इनीषियेटिव पुस्तक से सम्बंधित विषयों पर परिचर्चा कार्यक्रम के समापन के समय अपर गन्ना आयुक्त(मु.) वाई.एस.मलिक, द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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