पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर केंद्र को खुशी होगी, लेकिन राज्य नहीं चाहते: हरदीप पुरी

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नई दिल्ली : ईंधन करों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध के बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि, केंद्र को पेट्रोल और डीजल लाने में खुशी होगी जीएसटी व्यवस्था के तहत लेकिन राज्य ऐसा करने को तैयार नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री ने ईंधन करों को लेकर विपक्ष शासित राज्यों की आलोचना के लिए उन पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा शासित राज्य गैर-भाजपा राज्यों की तुलना में आधी वैट राशि वसूलते हैं। भाजपा और गैर-भाजपा राज्यों के बीच पेट्रोल की खुदरा कीमतों में 15 से 20 रुपये का अंतर है।

मंत्री पूरी ने एएनआई को बताया, मेरी समझ यह है कि केंद्र पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने में प्रसन्न होगा … तथ्य यह है कि राज्य इसके लिए तैयार नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री पूरी ने विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि सरकार ने ईंधन क्षेत्र में “अपनी जिम्मेदारी संभाली है” और राज्यों को पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित करों को कम करने के मुद्दे पर भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने ईंधन की कीमतों पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव का भी उल्लेख किया। हम अभी भी एक महामारी से उबर नहीं पाए हैं, अभी भी 80 करोड़ लोगों को खाना खिला रहे है। उन्होंने दावा किया की, मोदी काल में ईंधन की कीमतों में वृद्धि सबसे कम है।

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