गन्ना किसानों को दिए चीनी मिल के चेक बाउंस

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केन्या: केन्या में चीनी उद्योग कई कारणों की वजह से त्रस्त है। खराब दौर से गुजर रही सरकार के स्वामित्व वाली चीनी मिल मुहोरोनी शुगर फैक्टरी के प्रबंधकों और किसानों के बीच तनातनी हो गई है। चीनी मिल द्वारा किसानों को जारी चेक बाउंस होने लगे हैं।

किसानों का कहना है कि चीनी मिल ने उनके बकाया का भुगतान नहीं किया है। उपर से मिल ने चेक जारी किया जो कि बाउंस हो चुके हैं।

मुहरोनी शुगर फैक्टरी अपनी पेराई क्षमता का मुश्किल से 20 प्रतिशत ही पेराई कर रही है। मिल ऋण के बोझ तले दबी हुई है। इसके इक्विपमेंट में खराब होने लगे हैं।

गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले जब मिल के प्रबंधन ने भुगतान के चेक देने शुरु किये थे तब किसानों को राहत मिली थी। लेकिन अब लगता है कि मिल ने किसानों के साथ धोखा किया है।

केन्या गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष चार्ल्स अतांग ने कहा कि मिल द्वारा जारी किए गए सभी चेक बैंकों द्वारा अस्वीकार कर दिए गए थे। अतांग ने कहा कि यह हमारे लिए एक आश्चर्य की बात है। हम जानते हैं कि कंपनी संघर्ष कर रही है, लेकिन हमारे द्वारा आपूर्ति की गई गन्ने की पेराई करने के बावजूद उसका भुगतान न मिलें, हमें स्वीकार्य नहीं है।

किसानों ने मिल को गन्ने की आपूर्ति बंद करने की धमकी दी है और सरकार से अपील की हैं कि वह इस मिल के निजिकरण का प्रोसेस करे जिससे कि उसके हालत में सुधार हो सके।

मिल के रिसीवर के प्रबंधक फ्रांसिस ओको ने कहा कि उनके वित्त विभाग में फाइनेंस को लेकर कुछ गड़बड़ियां थी, जिसके कारण ही यह सब हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ चेक में खामियां थीं जिसे हम सुलझा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग इन दिनों बहुत ही बुरी स्थिति में हैं। यह सभी चीनी मिलों के साथ है। यह केवल मुहोरोनी के साथ ही नहीं है।

ओको, जो कि निजीकरण आयोग में भी हैं, ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया में समय लगेगा और सभी हितधारकों से अपील की गई है कि वे वर्तमान प्रबंधन को आगे बढ़ाएं क्योंकि यह प्रबंधन मिल को आगे लाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है।

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