जेल में मिठास: कैदी करेंगे गन्ने की खेती

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कोयम्बटूर : जेल के कैदियों में खेतीबाड़ी की रुचि बढ़ाने के लिए कोयंबटूर केंद्रीय जेल के अधिकारियों ने ओंडीपुदुर में ओपन एयर जेल (OAJ) परिसर में गन्ने की खेती शुरू करने की योजना बनाई है। इसकी रोपाई मार्च के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है ताकि वर्ष 2021 के पोंगल पर्व तक उसकी कटाई हो सके।

जेल अधिकारियों के अनुसार ओडीपुडुर में ओपन एयर जेल परिसर 30 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें से लगभग 1.5 एकड़ भूमि को गन्ने की खेती के लिए रखा गया है। वर्ष 2020 के पोंगल में तिरुचि जेल में गन्ने की खेती अत्यंत सफल रही है। तिरुचि की सफलता को देखते हुए अब कोयम्बटूर जेल विभाग भी इस तरह के काम शुरु करना चाहता है।

कोयंबटूर जेल के डीआईजी जी शनमुगा सुंदरम ने कहा कि आम तौर पर जनवरी से मार्च के दौरान खेतों में गन्ना लगाई जाती है और दिसंबर से मार्च तक में इसकी कटाई होती है। राज्य के कुछ जिलों में इसकी बुआई और कटाई के खास मौसम भी हैं। इसलिए हमने इसी महीने से ही गन्ने की खेती करने की योजना बनाई है। इसकी खेती के लिए हमने पहले ही मिट्टी और पानी का परीक्षण काम पूरा कर लिया है।’ उन्होंने कहा कि पोंगल के दौरान गन्ने की भारी मांग रहती है। इसलिए हमने उसके हिसाब से ही खेती की तैयारी की है।

सुंदरम ने कहा कि तमिलनाडु सरकार पोंगल पर्व में हर साल गिफ्ट में देने के लिए सैकड़ों टन गन्ने खरीदती है। जेल विभाग भी अपना गन्ना राज्य सरकार को दे सकता है। जेल में उगाए गए गन्ने की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ में इसकी कीमत भी कम होगी। अगर यहां उत्पादन बहुत ही ज्यादा होता है तो हम इसे जेल बाजार के माध्यम से बेच सकते हैं।

गन्ने के अलावा इस जेल परिसर में 900 नारियल लगाए जाएंगे और ओडीपुडुर ओपन एयर जेल में खाने वाले तेलों का भी उत्पादन किया जाएगा। .

जेल के अधिकारियों ने कहा कि कोयम्बटूर जेल में जेल में कैदियों के बीच कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई खेती, अपशिष्ट अलगाव, मवेशियों की खेती, जैविक खाद उत्पादन और नर्सरी की खेती की बड़ी पहल हुई है।

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