बलरामपुर चीनी, धामपुर शुगर जैसी कंपनीयां हो सकती है इथेनॉल मिश्रण के लाभार्थी

1855
नई दिल्ली : चीनी मंडी 
अधिशेष चीनी की समस्या में उलझा चीनी उद्योग केंद्र सरकार के समर्थन के कारण बड़े पैमाने पर इथेनॉल में स्थानांतरित हो रहा है, लेकिन  इथेनॉल मिश्रण से केवल बलरामपुर चीनी, धामपुर शुगर जैसे कुछ ही खिलाड़ियों को फायदा होगा, क्योंकि भारत में केवल 25% चीनी मिलों में आसवन क्षमताएं और पर्यावरण मंजूरी भी है ।
ब्राजील ने चीनी उत्पादन में कटौती की है,  भारत सरकार भी चीनी की जगह इथेनॉल मिश्रण पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहा है,  इसके कारण चीनी की अधिशेष की समस्या कम होने की संभावना है। घरेलू और आंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी की कीमतों में सुधर देखा जाने की उम्मीद की जा रही है । उत्पादन घटने से  चीनी की कीमतें अधिक हो सकती हैं लेकिन
‘एमएसपी’ की कीमतें भी बढ़ रही हैं जिससे चीनी खुदरा कीमतों  में बढ़ोतरी देखि जा सकती  है।
2017-18 में, चीनी उत्पादन रिकॉर्ड उच्च था और बिक्री की कीमत वास्तव में 25 रुपये प्रति किलो हो गई। केंद्र सरकार ने ‘एमएसपी’ को  बढाकर 29 रुपये प्रति किलोग्राम किया और इसके आधार पर, चीनी मिलें वर्तमान में चीनी  31 रुपये और 31.50 रुपये प्रति किग्रा बेच रही है। इसके अलावा, गन्ना बकाया अब भी अधिक है।
इथेनॉल मिश्रण से केवल कुछ खिलाड़ियों को फायदा होगा क्योंकि भारत में लगभग 25% चीनी मिलों में आसवन क्षमताएं  हैं और उनमें से केवल कुछ ही उनके पास पर्यावरण मंजूरी भी है। बलरामपुर चीनी  और धामपुर शुगर स्पष्ट लाभार्थियों में से हैं, क्योंकि उनके पास अच्छी आसवन क्षमताएं हैं।
SOURCEChiniMandi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here