तेलंगाना कांग्रेस की मांग चीनी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं को ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के आधार पर बेचा जाए

100

हैदराबाद: चीनी मंडी

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शैक अब्दुल्ला सोहेल ने मांग की कि, राज्य सरकार महीने भर के बंद के मद्देनजर आवश्यक वस्तुओं के मुनाफाखोरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए। अब्दुल्ला सोहेल ने कहा कि, 22 मार्च से लगातार हो रहे बंद के कारण आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दावों के बावजूद, चावल, गेहूं, चीनी, तेल, सब्जियां, आदि सभी वस्तुएं खुले बाजार में ज्यादा दरों पर बेची जा रही है। 30 अप्रैल तक लॉकडाउन के विस्तार से आवश्यक वस्तुओं की कमी हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप, उनकी कीमतों में भारी वृद्धि होने की संभावना है। इसलिए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सभी उत्पादों के लिए अधिकतम मूल्य तय करना चाहिए और सभी थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को केवल ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के आधार पर विशिष्ट मूल्य पर उन उत्पादों को बेचने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए।

कांग्रेस नेता सोहेल ने कहा कि, तेलंगाना में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए नियामक तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है, क्योंकि आवश्यक वस्तुएं लॉकडाउन के दौरान आम जनता की एकमात्र आवश्यकता बन गई हैं। उन्होंने कहा कि, सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति श्रृंखला में एक सख्त निगरानी तंत्र शुरू करने की जरूरत है कि आम लोगों को सभी आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर मिलें। राज्य सरकार का कर्तव्य है कि लोगों को मुफ्त में या सस्ती दरों पर भोजन मिले। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चीनी, चावल, गेहूं, तेल और अन्य खाद्य उत्पादों सहित पूरी खाद्य सामग्री को लॉकडाउन अवधि के दौरान वैट और अन्य करों से पूरी तरह से छूट दी जानी चाहिए।

यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here