डीसीएम श्रीराम चीनी, रासायनिक व्यवसाय विस्तार के लिए 1,300 करोड़ रुपये निवेश करेगी

नई दिल्ली : चीनी मंडी

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चीनी कारोबार में घाटे के चलते डीसीएम श्रीराम के मुनाफे में 6 प्रतिशत की गिरावट हुई, इस तिमाही कंपनी केवल 218.34 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज कराणे में कामयाब हो सकी | डीसीएम श्रीराम समूह ने भविष्य में चीनी और रासायनिक कारोबार के विस्तार पर 1,300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है । डीसीएम श्रीराम समूह चीनी, उर्वरक, बीज, रसायन, सीमेंट और यूपीवीसी विंडोज व्यवसायों में है।

प्रति दिन 5,000 टन तक गन्ना क्रशिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर

डीसीएम श्रीराम के चेयरमैन और सीनियर एमडी अजय श्रीराम ने एक साक्षात्कार में पीटीआई को बताया, “चीनी और क्लोरो-विनाइल रासायनिक कारोबारों में लगभग 1,300 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ हमने कंपनी में कई विस्तार परियोजनाएं शुरू की हैं ।” ये विस्तार परियोजना अगले 12-18 महीनों में पूरी की जाएगी। श्रीराम ने कहा कि कंपनी प्रति दिन 5,000 टन तक गन्ना क्रशिंग क्षमता बढाई जा रही है जबकि एक डिस्टिलरी प्रति दिन 200 किलो लीटर की क्षमता के साथ स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, 30 मेगावाट सह-उत्पादन बिजली क्षमता को जोड़ा जाएगा। “चीनी कारोबार में विस्तार से हमें 660 करोड़ रुपये खर्च होंगे।”
रासायनिक कारोबार में 350 करोड़ का निवेश

रासायनिक कारोबार के बारे में में उन्होंने कहा कि, कंपनी अपने भरूच और कोटा इकाईयों में 350 करोड़ रुपये की लागत के साथ प्रति दिन 560 टन क्षमता बढ़ा रही है। कोटा इकाई में 66 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट पर 240 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्लास्टिक कारोबार में प्रति दिन 40 टन की क्षमता जोड़ने के लिए 32 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना हैं। यह निवेश आंतरिक संसाधनों और ऋण के माध्यम से किया जायेगा।

केवल चीनी सेगमेंट का प्रदर्शन खराब

चीनी कारोबार में घाटे के चलते डीसीएम श्रीराम ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 218.34 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ नेट प्रॉफिट में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। हालांकि, संचालन से कुल आय में पिछले वर्ष की तुलना में 2,065.03 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,077.66 करोड़ रुपये हो गई। श्रीराम ने कहा, “चीनी सेगमेंट को छोड़कर हमारे सभी व्यवसायों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।”

उन्होंने कहा कि देश में चीनी के रिकॉर्ड आउटपुट की वजह से कंपनी ने घाटे में चीनी बेची, जिससे मुनाफे पर नकारात्मक प्रभाव रहा । श्रीराम ने कहा, “हम लगातार अपने सभी व्यवसायों को मजबूत करने के लिए पहलों का पीछा कर रहे हैं। कंपनी लगातार वॉल्यूम बढ़ाने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और एकीकरण को मजबूत करने के लिए निवेश कर रही है।”

बिजली निर्माण और आसवन क्षमता बढ़ेगी

डीसीएम श्रीराम के वाइस चेयरमैन और एमडी विक्रम श्रीराम ने कहा, “अपनी व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाएं अच्छी तरह से बढ़ रही हैं और जल्द ही उसका असर दिखना शुरू हो जायेगा।” नया बिजली संयंत्र अक्टूबर 2019 में शुरू किया जाएगा और इससे बिजली की लागत कम हो जाएगी। विक्रम ने कहा, “चीनी कारोबार में, हम अगले 18 महीनों में अतिरिक्त बिजली और आसवन (डि

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