‘इस्मा’ द्वारा 70 लाख टन चीनी निर्यात कोटा आवंटित करने की मांग

310

यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये

नई दिल्ली : चीनी मंडी

लगातार दो वर्षों के बम्पर उत्पादन के बाद, चीनी उद्योग को लगता है कि, इसने भारत को चीनी के निर्यातक के रूप में अपनी छवि बनाने में सक्षम बनाया है। 2019-20 के मौसम से पहले, मिलरों ने केंद्र सरकार से चीनी के 70 लाख टन निर्यात का प्रावधान करने का आग्रह किया है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अध्यक्ष रोहित पवार ने कहा कि, निर्यात नीति को अंतिम रूप देने से उन्हें चीन के बाजार में प्रवेश करने में मदद मिलेगी और घरेलू स्तर पर चीनी के स्टॉक में भी कमी आएगी।

सुस्त बिक्री और रिकॉर्ड उत्पादन ने उद्योग के निचले हिस्सों को गंभीर तनाव में डाल दिया है। वर्तमान में चीनी की एक्स-मिल कीमत 3,100-3,120 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है, जो मिलर्स का कहना है कि, इसमें पिछले एक साल में बिलकुल भी बदलाव नहीं हुआ है।

पवार ने बताया कि, हम सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि हमे चीन को निर्यात करने की अनुमति देने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करें। चीन पारंपरिक रूप से अपनी चीनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ब्राजील और फिलीपींस के साथ काम कर रहा है। पवार और अन्य उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि भारत, चीन का पड़ोसी देश होने के नाते चीनी के आसान परिवहन के मामले में फायदा होगा। चीन जुलाई में अपने आयात कैलेंडर की योजना बना रहा है और हम सरकार से इस बारे में गंभीरता से सोचने का आग्रह कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here