बंद पड़ी चीनी मिलों का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन के लिए करने की मांग

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कोल्हापुर : चीनी मंडी

जैव ईंधन किसान संघ के संस्थापक, अध्यक्ष शामराव देसाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखकर मांग की है कि, केंद्र सरकार को देश में विभिन्‍न कारणों से बंद पडी 150 से अधिक चीनी मिलों द्वारो गन्ने से सीधे इथेनॉल के उत्पादन की पहल करनी चाहिए। इथेनॉल उत्पादन से देश की आयात पेट्रोलियम उत्पादों से निर्भरता को कम किया जा सकता है और साथ ही किसानों को भी उनके गन्‍ने का अच्छा दाम दिया जा सकता है।

भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इथेनॉल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए, गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन मिलों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

देश बड़ी मात्रा में ईंधन का आयात करता है, लेकिन अगर इथेनॉल का उत्पादन ज्यादा किया जाता है, तो ईंधन आयात कम होगा। गन्‍ने का इथेनॉल उत्पादन करने के लिए इस्तेमाल से चीनी उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है, जिससे चीनी कि किंमते भी बढ़ने मदद हो सकती है।

देश में चीनी अधिशेष से निपटने के लिए सरकार ने मिलों को चीनी एथेनॉल में परिवर्तित करने की अनुमति दी है। हालही में केंद्र सरकार ने बी- हैवी मोलासेस वाले एथेनॉल की कीमतें 52.43 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 54.27 रुपये प्रति लीटर कर दी हैं और वही दूसरी ओर सी-हैवी मोलासेस वाले एथेनॉल की कीमत 43.46 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 43.75 रुपये लीटर कर दी हैं। गन्ने के रस, चीनी, चीनी सीरप से सीधे बनने वाले एथेनॉल का भाव 59.48 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

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