किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी: गन्ने की फसल को टिड्डी के प्रकोप से बचाने के लिए निर्देश जारी

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लखनऊ 17 फरवरी, 2020: प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने कतिपय राज्यों में टिड्डी के प्रकोप की खबरों के दृष्टिगत प्रदेश में गन्ने की फसल को इन कीटों से बचाने के लिये किसानों में जागरूकता अभियान चलाने के लिये सभी गन्ना उत्पादक जिलों के जिला अधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों एवं गन्ना शोध केन्द्र के वैज्ञानिकों को निर्देश जारी किये हैं।

इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुये प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि टिड्डी दल एक साथ आकम्रण करता हैं तथा ये किसी भी प्रकार के वानस्पतिक पौधों की हरी पत्तियों को तीव्रता से एवं बहुत अधिक मात्रा में खा जाते हैं। चूॅकि कम पानी, सूखा एवं ग्रीष्म की दषा में इसकी सक्रियता और अधिक बढ जाती है, अतः ग्रीष्मकाल में विषेष सावधानी अपेक्षित है। टिड्डियाॅं सर्दी में नवम्बर से दिसम्बर, बसन्त में जनवरी से जून तथा ग्रीष्मकाल में जुलाई से अक्टूबर में प्रजनन एवं वृद्धि करती है। टिड्डियों का प्रकोप प्रदेष के सीमावर्ती क्षेत्रों तक संज्ञानित हुआ है अतः टिड्डी के प्रकोप के बचने के लिये आवष्यक है कि हाई अलर्ट पर रहते हुए निरन्तर सर्वे एवं निगरानी की जाये। जिससे किसी भी दषा में टिड्डियों का फैलाव प्रदेष में न हो।

श्री भूसरेड्डी द्वारा निर्देश जारी कर इस कीट के आपतन की सम्भावना पर नियमित रूप से बराबर कड़ी निगरानी रखने और कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर आगाह कराते हुए इस कीट के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के निर्देश दिये है। जिससे ‘‘प्रीवेन्षन इज बेटर दैन क्योर‘‘ के सिद्धात को अपनाकर गन्ने की फसल के बचाव के लिये आवष्यक सुरक्षात्मक कदम समय से पूर्व उठाये जा सकें।

उन्होंने गन्ना कृषकों से भी अपील की है कि वह अपने खेतों का भ्रमण करते समय बारीकी से टिड्डी के प्रकोप का निरीक्षण करते रहें, यदि कहीं भी टिड्डी का प्रकोप पाया जाए तो उन पर क्लोरोपाइरीफास 20 प्रतिषत ईसी, क्लोरोपाइरीफास 50 प्रतिषत ईसी, बंडियोमिथ्रीन, फिप्रोनिल, और लैंब्डा जैसे कीटनाषकों का छिडकाव कर उन्हें नष्ट कर दिया जाए। गन्ना कृषक इसकी रोकथाम के तत्काल उपाय सुनिष्चित करते हुए भारत सरकार की सम्बन्धित संस्थाओं को सूचित करें तथा इसकी सूचना गन्ना विकास विभाग को भी तत्काल प्रदान कर दें।

परिक्षेत्रीय अधिकरियों को भी विभाग द्वारा टिड्डी के संभावित आकम्रण को देखते हुए निगरानी बनाये रखने के लिए क्षेत्रफल के आधार पर लक्ष्य आवंटित कर दिये गये है तथा नियमित अनुश्रवण किये जाने एवं प्रत्येक गन्ना कृषक को आगाह कर जागरूक करने के लिए पम्फलेट्स, हैंडबिल, दैनिक समाचार पत्र, दीवार लेखन, वालपेन्टिंग, चीनी मिल गेट, परिषद कार्यालय, सहकारी गन्ना समिति कार्यालय, खाद गोदामों एवं अन्य राजकीय गोदामों एवं कार्यालय की दीवारों पर कीट के रोकथाम के उपायों से प्रचार-प्रसार करने के निर्देश प्रदान किये गये है।

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